दुर्गापूजा से पहले बोनस का इंतजार, 10 साल में 54 हजार से बढ़कर 1.03 लाख हुआ भुगतान

दुर्गापूजा नज़दीक आते ही धनबाद के कोयलाकर्मियों में पूजा बोनस को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं. पिछले साल 1.03 लाख रुपये मिले थे, अब वे और वृद्धि की आस लगाए हैं. जानिए पिछले दशक में बोनस का सफर.

धनबाद. दुर्गापूजा से पहले कोयलांचल में एक बार फिर कोयला कर्मियों के पूजा बोनस यानी परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (पीएलआर) को लेकर चर्चा तेज हो गयी है. कोयला भवन से लेकर एरिया कार्यालयों और कोलियरियों तक कर्मचारी इस बात का हिसाब लगाने में जुटे हैं कि इस वर्ष उन्हें कितना बोनस मिल सकता है. दुर्गापूजा शुरू होने में करीब 38 दिन बाकी हैं. ऐसे में बीसीसीएल समेत कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों की निगाह अब प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों के बीच होने वाली वार्ता पर है.

पिछले वर्ष 2025 में कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए 1.03 लाख रुपये के पीएलआर पर सहमति बनी थी. बताया गया था कि करीब 2.23 लाख कर्मचारियों को इसका लाभ मिला था. इस बार बोनस की राशि कितनी होगी, यह प्रबंधन और यूनियनों के बीच होने वाली वार्ता के बाद ही तय होगा.

चाय की दुकान से कोलियरी तक बोनस का हिसाब

मंगलवार को कोयला नगर में एक चाय की दुकान पर कुछ बीसीसीएल कर्मी संभावित बोनस को लेकर चर्चा करते नजर आये. कर्मचारियों के बीच पिछले वर्ष की राशि, कंपनी के प्रदर्शन और संभावित बढ़ोतरी को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाये जा रहे थे.

कुछ कर्मचारियों का कहना था कि पिछले वर्ष 1.03 लाख रुपये मिले थे और कंपनी का प्रदर्शन भी खराब नहीं रहा है, इसलिए इस बार राशि बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, कुछ कर्मियों ने कहा कि अभी से कोई रकम तय मानना उचित नहीं होगा. अंतिम निर्णय प्रबंधन और यूनियनों की बैठक में ही होगा.

एक अन्य मुद्दा जेबीसीसीआइ-12 के गठन को लेकर भी उठा. कर्मचारियों के बीच चर्चा रही कि यदि संयुक्त द्विपक्षीय समिति के गठन में देरी होती है, तो इसका बोनस वार्ता पर क्या असर पड़ेगा. हालांकि, कर्मचारियों की प्राथमिकता यही है कि पूजा से पहले बोनस की राशि उनके खातों में पहुंच जाये.

54 हजार से शुरू हुआ सफर, 2025 में पहुंचा 1.03 लाख

कोल इंडिया में पूजा बोनस की राशि पिछले एक दशक में लगातार बढ़ी है. वर्ष 2016 में कर्मचारियों को 54 हजार रुपये पीएलआर मिला था. इसके बाद 2017 में 57 हजार, 2018 में 60,500, 2019 में 64,700 और 2020 में 68,500 रुपये मिले.

वर्ष 2021 में यह राशि बढ़कर 72,500 रुपये हुई. 2022 में 76,500 रुपये और 2023 में 85 हजार रुपये मिले. 2024 में पीएलआर 93,750 रुपये रहा, जबकि 2025 में यह बढ़कर 1.03 लाख रुपये हो गया. यानी 2016 से 2025 के बीच बोनस राशि में 49 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई.

पिछले वर्षों में सितंबर में हुआ फैसला

पिछले वर्षों के रुझान को देखें तो बोनस पर निर्णायक बातचीत आमतौर पर सितंबर के अंतिम सप्ताह से अक्तूबर के पहले सप्ताह के बीच होती रही है. वर्ष 2022 में 28 सितंबर को 76,500 रुपये के पीएलआर पर फैसला हुआ था. 2024 में 29 सितंबर की रात 93,750 रुपये पर सहमति बनी थी.

वर्ष 2025 में 25 सितंबर को स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक हुई थी और इसके अगले दिन 26 सितंबर को 1.03 लाख रुपये के पीएलआर की घोषणा की गयी थी. ऐसे में इस वर्ष भी सितंबर के अंतिम सप्ताह के आसपास बोनस वार्ता तेज होने की संभावना जतायी जा रही है. हालांकि, बैठक की तारीख और बोनस की राशि पर अंतिम निर्णय प्रबंधन व यूनियनों की बातचीत के बाद ही होगा.

दस साल में ऐसे बढ़ा पूजा बोनस

वर्ष पूजा बोनस/पीएलआर

2016 54,000

2017 57,000

2018 60,500

2019 64,700

2020 68,500

2021 72,500

2022 76,500

2023 85,000

2024 93,750

2025 1,03,000

इस बार बोनस कितना बढ़ेगा, यह फिलहाल तय नहीं है. कर्मचारियों को अब प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों की औपचारिक वार्ता का इंतजार है. पूजा से पहले बोनस भुगतान को लेकर कर्मचारियों के बीच उम्मीद और चर्चा दोनों बढ़ गयी हैं.

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By Manohar kumar

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