कोल इंडिया के मुनाफे पर ग्रहण: 12% गिरा नेट प्रॉफिट, झारखंड की सहायक कंपनियों BCCL और CCL ने डुबोई लुटिया

Coal India News: कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणाम जारी हो गए हैं, जो कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती की ओर इशारा कर रहे हैं. कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) पिछले साल के 35,450 करोड़ रुपये से घटकर 31,071 करोड़ रुपये रह गया है. इस गिरावट की मुख्य वजह झारखंड और बंगाल की सहायक कंपनियों- ईसीएल, बीसीसीएल और सीसीएल का बेहद निराशाजनक प्रदर्शन रहा है. पढ़ें, किस कंपनी ने मुनाफा कमाया और कौन घाटे में डूबी,

Coal India News, धनबाद (मनोहर कुमार की रिपोर्ट): सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India) के लिए वित्त वर्ष 2025-26 वित्तीय मोर्चे पर मुश्किलों भरा रहा है. कंपनी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, समेकित शुद्ध लाभ में लगभग 12% की गिरावट दर्ज की गई है. जहां पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 35,450 करोड़ रुपये का शानदार लाभ अर्जित किया था, वहीं इस साल यह घटकर 31,071 करोड़ रुपये पर सिमट गया है. इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण कोल इंडिया की प्रमुख सहायक कंपनियों, विशेषकर बीसीसीएल (BCCL), इसीएल (ECL) और सीसीएल (CCL) के परिचालन प्रदर्शन में आई कमी को माना जा रहा है.

सहायक कंपनियों के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

झारखंड और पश्चिम बंगाल की कोयला खदानों का संचालन करने वाली सहायक कंपनियों के नतीजे काफी निराशाजनक रहे हैं. सबसे बुरा हाल ईसीएल (ECL) का रहा, जो पिछले साल 236 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी, लेकिन इस साल सीधे 966 करोड़ रुपये के भारी घाटे में जा गिरी. वहीं, धनबाद मुख्यालय वाली बीसीसीएल (BCCL) का मुनाफा भी 1,240 करोड़ रुपये से सिमटकर महज 128 करोड़ रुपये रह गया है, जो करीब 90% की ऐतिहासिक गिरावट को दर्शाता है. रांची स्थित सीसीएल (CCL) ने भी 27% की गिरावट के साथ 2,967 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है.

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खर्चों के मोर्चे पर बढ़ता दबाव

कोल इंडिया के मुनाफे पर केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि बढ़ते खर्चों ने भी कैंची चलाई है. कंपनी का कुल वार्षिक खर्च 1,31,948 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,38,511 करोड़ रुपये (5% वृद्धि) हो गया है. इसमें सबसे चिंताजनक पहलू ‘वित्तीय लागत’ (Finance Cost) है, जिसमें 38% का भारी उछाल देखा गया और यह 1,216 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. इसके अलावा, कर्मचारी लाभ व्यय में 4% की बढ़ोतरी हुई, जो 46,425 करोड़ रुपये रही. अन्य परिचालन खर्चों में भी 9% की वृद्धि दर्ज की गई है.

NCL और SECL ने संभाली कमान

तमाम गिरावटों के बीच एनसीएल (NCL) ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए 10,657 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल के मुकाबले 11% अधिक है. वहीं, एसइसीएल (SECL) भी 5% की बढ़त के साथ 4,755 करोड़ रुपये के लाभ में रही. एमसीएल (MCL) ने भी 10,698 करोड़ रुपये का बड़ा मुनाफा दर्ज कर ग्रुप को सहारा दिया.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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