कोल इंडिया के एचआर डायरेक्टर डॉ विनय रंजन को नहीं मिलेगा सेवा विस्तार, 27 जुलाई के बाद कार्यकाल समाप्त

Coal India: कोल इंडिया के मानव संसाधन (एचआर) निदेशक डॉ. विनय रंजन का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. कोयला मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है, जिससे सेवा विस्तार की अटकलों पर विराम लग गया है. 27 जुलाई 2026 के बाद यह पद रिक्त हो जाएगा.

Coal India: कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया के निदेशक (मानव संसाधन) डॉ विनय रंजन के कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है. मंत्रालय ने इस संबंध में सीआइएल के चेयरमैन (सीएमडी) को आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है. जारी आदेश के अनुसार विनय रंजन का कार्यकाल 27 जुलाई 2026 के बाद विस्तारित नहीं किया जायेगा. इसके साथ ही वे निर्धारित तिथि पर पदमुक्त हो जाएंगे.

कोयला मंत्रालय की ओर से लेटर जारी

कोयला मंत्रालय के स्थापना प्रभाग की ओर से जारी लेटर में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने विनय रंजन के कार्यकाल को 27 जुलाई 2026 के बाद आगे नहीं बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह आदेश मंत्रालय के अवर सचिव संजीव रंजन के हस्ताक्षर से जारी किया गया है.

सेवा विस्तार की अटकलों पर लगा विराम

विनय रंजन वर्तमान में सीआईएल में निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में कार्यरत हैं. उनके कार्यकाल की समाप्ति से पहले सेवा विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन मंत्रालय के ताजा आदेश ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है और अब उस पर विराम लग गया है. 27 जुलाई के बाद यह पद रिक्त हो जायेगा.

देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी सीआईएल

सीआईएल देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है. ऐसे में निदेशक (मानव संसाधन) का पद संगठन की मानव संसाधन नीति, औद्योगिक संबंध, कार्मिक प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के साथ समन्वय की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में अब नए निदेशक (एचआर) की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी.

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क्या है आदेश

  • 27 जुलाई 2026 के बाद विनय रंजन का कार्यकाल नहीं बढ़ेगा.
  • कोयला मंत्रालय ने सीआईएल को आधिकारिक पत्र भेजा.
  • नियुक्ति समिति (एसीसी) ने सेवा विस्तार को मंजूरी नहीं दी.
  • अब नए निदेशक (एचआर) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है.

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Published by: Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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