Dhanbad News: हाय रिस्क जोन : टंडाबाड़ी बस्ती से निकल रही है कार्बन मोनोक्साइड, दहशत
Dhanbad News: सोनारडीह के लोगों को बेलगड़िया या अन्य जगहों पर को बसाने की तैयारी
Dhanbad News: सोनारडीह के टंडाबाड़ी बस्ती हाय रिस्क जोन में है. 30 जनवरी 2026 से जारी गैस का रिसाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. यही कारण है कि गत मंगलवार को यहां जमींदोज की घटना में तीन की मौत हो गयी. यहां से जो गैस निकल रही है, वह 50 पीपीएम है. यह गैस हवा से बढ़ती है. कार्बन मोनोऑक्साइड है, जो 100 से 120 है. यह गैस काफी खतरनाक है. यह शरीर में खून जमा देता है. यह गैस आग से बनती है. यहां अरसा पूर्व करीब 11 से 12 खदानें चली हुई है. उसमें आग लगी है, जो धीरे-धीरे फैलती जा रही है. अगर गैस को रोका नहीं गया, तो लोगों का जीना मुहाल हो जायेगा. घटना के बाद से बीसीसीएल को गैस रोकने के लिए भराई करने नहीं दी जा रही है. यहां के रैयत भराई का विरोध कर रहे हैं, जबकि गैररैयत भराई कराने के पक्ष में है. इसी पशोपेश में भराई ठप पड़ी है. गैस का दायरा बढ़ने से इलाके में दरारें बढ़ती जा रही है. सर्वे का कार्ययुद्ध स्तर पर जारी है.
जेआरडीए की टीम ने लिया जायजा
इधर, जेआरडीए की टीम सोमवार अपराह्न टंडाबाड़ी पहुंची और जायजा लिया. टीम ने घटनास्थल का अवलोकन भी किया. इसके बाद बीसीसीएल की सर्वे टीम डेटा लेकर चली गयी. एबीजी कोलियरी के कार्मिक प्रबंधक आलोक रंजन राय, ओपी दसौंधी ने जेआरडीए को डेटा उपलब्ध कराया. श्री राय ने बताया कि यहां 275 लोगों का डेटा बना है. जेआरडीए अपने प्लान के तहत बेलगड़िया या फिर अन्य दूसरे स्थान पर लोगों को बसायेगा. जेआरडीए टीम में ब्रह्मदेव सिंह, किसलय कांत, मनोज शर्मा, विशाल सिंह आदि थे.
बीसीसीएल के टेंट में ही सो रहे हैं प्रभावित
दूसरी तरफ, बस्ती के लोग सुबह से ही अपने-अपने दस्तावेज जमा कराने में व्यस्त दिखे. प्रभावित परिवार के लोग बीसीसीएल के राहत शिविर में तीनों समय का भोजन करने के पश्चात वहां लगे टेंट में सो रहे हैं, जबकि दर्जनों लोग यहां से पलायन कर अपने पैतृक गांव या अपने रिश्तेदार के यहां चले गये हैं. सोमवार को भी निकट के विद्यालय में बच्चे पढ़ने नहीं पहुंचे थे. बता दें कि मंगलवार को तीन आवास जमींदोज के साथ यहां तीन लोग मोनू उरांव उसकी पुत्री तथा कोलकर्मी परशुराम की पत्नी सरिता देवी की मौत हो गयी थी.
एसीसी की बैठक में छाया रहा मुद्दा
गोविंदपुर क्षेत्रीय कार्यालय में आहूत क्षेत्रीय सलाहकार समिति की बैठक में टंडाबाड़ी का मुद्दा छाया रहा. बस्ती के पास निकल रही गैस को अविलंब रोकथाम करने, प्रभावित परिवारों को आवास व पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग यूनियन नेताओं ने की. इस पर प्रबंधन ने कहा कि कोलकर्मियों को बीसीसीएल में आवास मुहैया कराया जा रहा है. मूल रैयत का भी मुआवजा जेआरडीए के तहत ही मिलेगा. इसके अलावा बीसीसीएल अपने स्तर से राहत शिविर चला रहा है. उसमें 100 से अधिक लोगों को तीनों समय का भोजन व शौचालय उपलब्ध कराया है. बैठक में जीएम विमला विजय कुमार, डिप्टी सीपीएम अमित महतो, यूनियन नेता रणधीर ठाकुर, शेख रहीम, विनोद सिंह, मंतोष तिवारी, तेजलाल प्रसाद, अशोक सिंह, विशाल सिंह, विजय कुमार, सुनील हाड़ी, विनोद सिंह आदि थे.
क्या कहते हैं एरिया सेफ्टी अधिकारी
गोविंदपुर क्षेत्र के एरिया सेफ्टी अधिकारी नारायण प्रसाद ने कहा कि हर रोज हमारी टीम निकल रहे गैस की मापी कर रही है. यह इलाका पूरी तरह से हाय रिस्क जोन में है. फिलहाल भराई करना बेहद जरूरी है.