धनबाद. लोयाबाद सात नंबर मुस्लिम मोहल्ले में भू-धंसान से बने गोफ की भराई करने पहुंची बीसीसीएल की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध के कारण मंगलवार को वापस लौटना पड़ा. बांसजोड़ा कोलियरी की टीम जेसीबी मशीन के साथ भू-धंसान वाले स्थल पर भराई करने पहुंची थी. स्थानीय लोगों ने मशीन को रोक दिया और स्पष्ट कहा कि जब तक भू-धंसान से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक गोफ की भराई नहीं करने दी जायेगी.
मंगलवार सुबह बीसीसीएल कर्मी जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे. टीम ने जैसे ही भराई की तैयारी शुरू की, स्थानीय कुछ युवकों ने इसका विरोध कर दिया. उनका कहना था कि भू-धंसान के कारण लोगों को नुकसान हुआ है. ऐसे में पहले प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाये और इसके बाद ही स्थल की भराई की जाये.
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पुलिस और स्थानीय नेताओं ने समझाने का किया प्रयास
विरोध की सूचना मिलने के बाद स्थानीय नेता और पुलिस भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया. समझाने के दौरान यह बताया गया कि मोहल्ले में खुला गोफ रहने से लोगों के लिए खतरा बना रह सकता है और इससे आगे भी नुकसान की आशंका है. हालांकि स्थानीय लोग अपनी मांग पर अड़े रहे और भराई की अनुमति नहीं दी.
लोगों के विरोध के बाद बीसीसीएल की जेसीबी मशीन और टीम को बिना भराई किये ही वापस लौटना पड़ा. इससे भू-धंसान वाले स्थल की भराई का काम फिलहाल नहीं हो सका.
रविवार को घर का कमरा हुआ था जमींदोज
बताया जाता है कि रविवार को लोयाबाद सात नंबर स्थित मुस्लिम मोहल्ले में जमीला खातून के घर का एक कमरा अचानक जमींदोज हो गया था. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया. सुरक्षा के मद्देनजर लोयाबाद पुलिस ने भू-धंसान वाले स्थान के आसपास बैरिकेडिंग कर दी थी.
घटना के बाद मोहल्ले के करीब एक दर्जन परिवारों ने सुरक्षा को देखते हुए अपना घर खाली कर दिया. इनमें से कुछ परिवारों ने मदरसे में शरण ली है. स्थानीय लोगों में भू-धंसान की घटना को लेकर अब भी भय का माहौल है.
बेलगड़िया में आवास दिखाये, जाने को तैयार नहीं लोग
जानकारी के अनुसार बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से प्रभावित लोगों को बेलगड़िया टाउनशिप में बसाने की पहल भी की गयी है. इसके लिए लोगों को वहां ले जाकर क्वार्टर दिखाये गये. हालांकि स्थानीय लोग फिलहाल बेलगड़िया जाने के इच्छुक नहीं हैं.
स्थानीय लोगों की मांग है कि भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाये और उनके पुनर्वास को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की जाये. वहीं, गोफ की भराई नहीं होने से स्थल पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
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