धनबाद. बीसीसीएल की रेल डिस्पैच व्यवस्था में सितंबर में सुधार देखने को मिला है, लेकिन चालू वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य की तुलना में कंपनी की रेल लोडिंग अब भी पीछे चल रही है. 15 सितंबर तक ईसीआर धनबाद क्षेत्र में सितंबर की औसत रेल लोडिंग 14 रैक प्रतिदिन रही, जो निर्धारित लक्ष्य के बराबर है.
हालांकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15 सितंबर तक 15.7 रैक प्रतिदिन के लक्ष्य के मुकाबले वास्तविक लोडिंग 12.2 रैक प्रतिदिन रही. इस लिहाज से संचयी उपलब्धि 78 फीसदी है.
कई साइडिंग ने सितंबर में लक्ष्य को पीछे छोड़ा
सितंबर में बीसीसीएल की कुछ साइडिंग ने निर्धारित लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया है. केडीएस(के) साइडिंग में 0.6 रैक प्रतिदिन के लक्ष्य के मुकाबले 0.7 रैक प्रतिदिन लोडिंग हुई. गोलकडीह-6 नंबर साइडिंग में 1.5 के मुकाबले 1.7 और गोलकडीह-9 नंबर साइडिंग में 5.5 के मुकाबले 5.8 रैक प्रतिदिन लोडिंग दर्ज की गयी.
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वाशरी ने भी सितंबर में 1.2 रैक प्रतिदिन का लक्ष्य हासिल किया है. वहीं एसएल(जी) की उपलब्धि 70 फीसदी रही. केशरगढ़ में सितंबर में अब तक रेल लोडिंग नहीं हुई है, जबकि यहां 0.7 रैक प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित था. वित्तीय वर्ष के संचयी आंकड़ों में भी केशरगढ़ की उपलब्धि महज 57 फीसदी है.
एनएलओसीपी ने भी लक्ष्य से बेहतर किया प्रदर्शन
ईआर आसनसोल क्षेत्र में एनएलओसीपी साइडिंग ने सितंबर में लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया है. यहां 0.2 रैक प्रतिदिन के लक्ष्य के मुकाबले 0.3 रैक प्रतिदिन लोडिंग हुई. वित्तीय वर्ष के संचयी आंकड़ों में भी 0.3 के लक्ष्य के मुकाबले 0.4 रैक प्रतिदिन लोडिंग दर्ज की गयी.
एसईआर आद्रा क्षेत्र में भी प्रदर्शन मिश्रित रहा. वाशरी ने सितंबर में तीन प्रतिशत के लक्ष्य के मुकाबले 3.5 रैक प्रतिदिन लोडिंग कर लक्ष्य हासिल किया. केकेसी(एम) की उपलब्धि 95 फीसदी और बीएनआर की 91 फीसदी रही. वहीं केकेसी(एल) की उपलब्धि 65 फीसदी रही.
गोलकडीह-9 नंबर साइडिंग बनी सबसे बड़ी सहारा
ईसीआर धनबाद क्षेत्र की कुल रेल लोडिंग में गोलकडीह-9 नंबर साइडिंग की अहम भूमिका रही है. सितंबर में यहां 5.8 रैक प्रतिदिन की लोडिंग हुई, जो क्षेत्र की कुल 14 रैक प्रतिदिन लोडिंग का करीब 41 फीसदी है. वित्तीय वर्ष के संचयी आंकड़ों में भी 5.3 रैक प्रतिदिन के साथ गोलकडीह-9 प्रमुख योगदानकर्ता बना हुआ है.
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आंकड़ों से स्पष्ट है कि बीसीसीएल की रेल लोडिंग में सितंबर के दौरान रफ्तार बढ़ी है, लेकिन शुरुआती महीनों की कमी अब भी पूरी नहीं हो सकी है. कई साइडिंग सितंबर में लक्ष्य के करीब पहुंची हैं या उससे आगे निकली हैं, जबकि वित्तीय वर्ष के संचयी प्रदर्शन में पिछड़ाव बना हुआ है.
खास तौर पर केशरगढ़, केडीएस(के), बोर्रागढ़, सुदामडीह लाइन-5 और केकेसी(एल) जैसी साइडिंग का संचयी प्रदर्शन लक्ष्य से नीचे है. दूसरी ओर गोलकडीह-9, वाशरी और एनएलओसीपी जैसे केंद्र रेल लोडिंग को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
