छाताबाद में भू-धंसान से तालाब का पानी गोफ में समाया, हजारों लोगों के सामने जलसंकट

छाताबाद काजू बागान में हुए भू-धंसान के बाद बने गोफ ने गंभीर जलसंकट पैदा कर दिया है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हैं. बीसीसीएल प्रबंधन अब युद्धस्तर पर गोफ भराई कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है.

छाताबाद काजू बागान में पांच दिन पूर्व हुए भयावह भू-धंसान के बाद बने गोफ ने आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. गोफ में पांडेय तालाब का पूरा पानी समा जाने से इलाके में जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. पांच दिन बाद भी हजारों लोगों के सामने पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. इधर, तालाब और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन ने युद्धस्तर पर डोजरिंग और गोफ भराई का काम शुरू कराया है.

जीएम की मौजूदगी में गोफ भराई का काम

रविवार को बारिश थमने के बाद गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यकाम आनंद की मौजूदगी में गोफ भराई का काम कराया गया. प्रबंधन की ओर से भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए मशीनों की मदद से मिट्टी और अन्य सामग्री डालकर गोफ को भरने का प्रयास किया जा रहा है.

जीएम सत्यकाम आनंद ने कहा कि पूर्व से घोषित डेंजर जोन में अवैध माइनिंग के कारण भू-धंसान और गोफ की घटनाएं सामने आ रही हैं. लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए बीसीसीएल की ओर से पहले से ही नोटिस जारी किये जाते रहे हैं.

जरेडा की योजना से पात्र लोगों को मिलेगा मुआवजा और आवास

सत्यकाम आनंद ने बताया कि जरेडा की पुनर्वास योजना के तहत पात्र लोगों को मुआवजा और आवास उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि छाताबाद काजू बागान के समीप बीसीसीएल की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे लोगों का सर्वे कराया जायेगा. सर्वे के बाद संबंधित लोगों को नोटिस देकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.

ईस्ट कतरास 11 नंबर क्षेत्र में भी डेंजर जोन खाली करने की सूचना

इधर, न्यू आकाशकिनारी कोलियरी प्रबंधन ने ईस्ट कतरास 11 नंबर कैलूडीह क्षेत्र के लोगों को संभावित खतरे को देखते हुए डेंजर जोन खाली करने की सूचना जारी की है. लगातार भू-धंसान की घटनाओं के बीच प्रबंधन की ओर से प्रभावित और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाये जा रहे हैं.

पानी का संकट बना सबसे बड़ी चुनौती

छाताबाद काजू बागान में गोफ बनने के बाद पांडेय तालाब का पानी उसमें समा जाने से स्थानीय लोगों के लिए पेयजल और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी का संकट गहरा गया है. स्थानीय लोगों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता पानी की उपलब्धता बनी हुई है. ऐसे में गोफ भराई के साथ प्रभावित इलाके में जलसंकट का स्थायी समाधान करना भी बड़ी चुनौती है.


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By Kamdeo singh

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