बीसीसीएल ब्लॉक-दो क्षेत्र के नदखरकी, बेनीडीह और जमुनिया कोल डंप के रोड सेल ट्रक लोडिंग से जुड़े असंगठित मजदूरों ने रोजगार बहाली की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. आंदोलन के कारण तीनों कोल डंपों में कोयले का उत्पादन और डिस्पैच प्रभावित हुआ है. मजदूरों ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आरओएम और बेहतर गुणवत्ता वाले स्टीम कोयले का डीओ ऑफर जारी करने की मांग की है.
प्रबंधन और मजदूरों में हुई तीखी नोकझोंक
धरना स्थल पर पहुंचे बीसीसीएल प्रबंधन को मजदूरों के विरोध का सामना करना पड़ा. इस दौरान आउटसोर्सिंग कंपनी खेमका कैरियर के प्रबंधन और मजदूरों के बीच तीखी नोकझोंक हुई. स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी. मौके पर बड़ी संख्या में सीआइएसएफ जवानों की तैनाती की गयी है.
वार्ता में नहीं बनी सहमति, आंदोलन जारी
मजदूरों की मांगों को लेकर रविवार देर शाम प्रबंधन के साथ वार्ता हुई थी. मजदूरों ने तीनों कोल डंपों में न्यूनतम 20-20 हजार टन आरओएम कोयले का डीओ ऑफर तत्काल जारी करने की मांग रखी. हालांकि, वार्ता में सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद मजदूरों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया.
मजदूरों का कहना है कि वे पिछले एक वर्ष से रोजगार के लिए परेशान हैं. उनका आरोप है कि रोजगार और कोयले की आपूर्ति से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन करने पर प्रबंधन की ओर से मुकदमे दर्ज कराकर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया जाता है. इससे मजदूरों में आक्रोश बढ़ रहा है.
प्रत्येक डंप के लिए 20-20 हजार टन स्टीम कोयले का ऑफर मांगा
मजदूरों ने तीनों कोल डंपों में न्यूनतम 20-20 हजार टन आरओएम कोयले का डीओ ऑफर जारी करने की मांग की है. इसके अलावा प्रत्येक डंप के लिए 20-20 हजार टन बेहतर गुणवत्ता वाले स्टीम कोयले का ऑफर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गयी है. मजदूरों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
धरने में जुलूस राम, कैलाश राम, छोटू दास, जगु गोप, मनोज राय, शिवशंकर रविदास, राकेश कुमार, श्रीकांत राय, विकास कुमार, सुनील कुमार, प्रकाश रजक, ओमप्रकाश पंडित, धर्मपाल कुमार, विजय कुमार, राजू दास, विजय प्रसाद, संजय यादव और अमर चौहान समेत अन्य मजदूर मौजूद थे.
