धनबाद. बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के सोनरीया गांव निवासी मजदूर मुकुंद दास की चेन्नई में मौत हो गयी. मंगलवार की सुबह उनका शव एंबुलेंस से गांव पहुंचा. शव के गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे. ग्रामीणों की भीड़ भी शोकाकुल परिवार के घर पहुंच गयी. अंतिम संस्कार के बाद गांव में मातम का माहौल रहा.
मृतक के चचेरे भाई केदार दास ने बताया कि मुकुंद दास कुछ माह से चेन्नई में रहकर मजदूरी कर रहे थे. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं होने के कारण वह रोजगार के लिए चेन्नई गये थे. वहां मजदूरी कर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करते थे. करीब दो दिन पूर्व चेन्नई में उनकी मौत हो गयी. मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता शव को गांव लाने की थी.
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एक लाख रुपये किराये की मांग से बढ़ी परेशानी
परिजनों के अनुसार चेन्नई से शव गांव लाने के लिए एंबुलेंस संचालक की ओर से करीब एक लाख रुपये किराये की मांग की गयी थी. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना संभव नहीं था. शव को गांव लाने में परेशानी होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने परिवार की मदद के लिए पहल शुरू की.
ग्रामीणों ने इस संबंध में धनबाद सांसद ढुलू महतो को जानकारी दी और उनसे शव को चेन्नई से गांव लाने में सहायता करने की गुहार लगायी. ग्रामीणों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शव को गांव लाने के लिए तत्काल मदद की जरूरत थी.
सांसद ने अपने खर्च पर भेजी एंबुलेंस
ग्रामीणों से जानकारी मिलने के बाद सांसद ढुलू महतो ने अपने खर्च पर एंबुलेंस भेजने की व्यवस्था की. इसके बाद मुकुंद दास का शव चेन्नई से सोनरीया लाया गया. सोमवार सुबह शव गांव पहुंचा तो परिवार के लोग अंतिम दर्शन के लिए जुट गये. शव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
ग्रामीणों ने बताया कि आर्थिक परेशानी के कारण परिवार शव को गांव लाने की स्थिति में नहीं था. ऐसे समय में एंबुलेंस की व्यवस्था होने से परिवार को बड़ी राहत मिली और अंतिम संस्कार गांव में ही हो सका.
स्थानीय श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार
शव गांव पहुंचने के बाद स्थानीय श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया. भतीजे ने मुकुंद दास को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित मौजूद रहे. लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही.
सांसद ढुलू महतो भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मृतक के निधन पर दुख जताया. उन्होंने परिवार के सदस्यों से घटना की जानकारी भी ली.
शोक जताने पहुंचे ग्रामीण
मुकुंद दास की मौत की खबर के बाद सोनरीया गांव में शोक का माहौल है. उनके परिचितों और ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जतायी. शोकाकुल परिवार से मिलने वालों में पूर्व मुखिया पूरण रविदास, धर्मजीत सिंह, मोहन कुंभकार, प्रेम महतो, सुनील चौधरी, खगेन महतो, हुबलाल महतो और राहुल चौधरी समेत अन्य लोग शामिल थे.
ग्रामीणों ने बताया कि मुकुंद दास रोजगार के सिलसिले में चेन्नई गये थे. उनकी मौत से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है. वहीं, शव को गांव लाने में आयी परेशानी ने प्रवासी मजदूरों के परिवारों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी सामने ला दिया है.
