जामताड़ा-निरसा पथ पर बरबेंदिया में बराकर नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण की दिशा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अर्जन निदेशालय ने निरसा अंचल के भागाबांध और बिशालपहाड़ी गांव की जमीन के अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है.
सर्वाधिक अधिग्रहण 15 एकड़ बिशाल
पहाड़ी गांव सेपुल परियोजना के लिए दोनों गांवों से कुल 16.774 एकड़ (करीब 6.791 हेक्टेयर) भूमि अधिग्रहित की जायेगी. इसमें सर्वाधिक 15.911 एकड़ जमीन बिशालपहाड़ी गांव से ली जायेगी, जबकि भागाबांध से 0.863 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा.
सरकारी और रैयती जमीन भी शामिल
प्रारंभिक अधिसूचना के अनुसार अधिग्रहण के दायरे में नदी, कनाली, पोखर समेत सरकारी और रैयती भूमि शामिल है. संबंधित भूमि के खसरा और अन्य राजस्व अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुल निर्माण परियोजना के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध हो सकेगी.
प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन की होगी कार्रवाई
परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन के लिए एसी अथवा उनके द्वारा अधिकृत पदाधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया है. प्रभावित परिवारों से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रावधानों के तहत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की कार्रवाई की जायेगी.
कार्यालय में देख सकेंगे अभिलेख
भूमि अधिग्रहण से संबंधित नक्शा, अभिलेख और अन्य विवरण जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, धनबाद के कार्यालय में कार्य दिवस के दौरान देखे जा सकते हैं. भूमि सर्वेक्षण और अधिग्रहण से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं उनके कर्मियों को अधिकृत किया गया है.
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज
बरबेंदिया में बराकर नदी पर पुल बनने से जामताड़ा और निरसा के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के साथ परियोजना के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया ने औपचारिक रूप से गति पकड़ ली है.
