धनबाद. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कैंपों में इन दिनों लोगों की भीड़ उमड़ रही है. मतदाता सूची में नाम और दस्तावेजों से जुड़ी विसंगतियों के कारण बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं. नोटिस मिलने के बाद लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि भारतीय नागरिक होने के प्रमाण के तौर पर कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत करें.
दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही
एसआइआर के तहत मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है. इसी क्रम में करीब 62,924 नोटिस जारी किये गये हैं, जबकि 42,721 मामलों में विसंगतियां सामने आयी हैं. मैट्रिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) और बिहार बोर्ड को करीब 30,756 प्रमाणपत्र भेजे गये हैं.
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नोटिस लेकर कैंप पहुंच रहे लोग
नोटिस मिलने के बाद लोग अपने दस्तावेज लेकर कैंपों में पहुंच रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि वर्षों से भारत में रहने के बावजूद अचानक नागरिकता से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने की स्थिति ने उनकी चिंता बढ़ा दी है. खासकर बुजुर्ग और ग्रामीण मतदाता इस बात को लेकर परेशान हैं कि कौन-सा प्रमाणपत्र मान्य होगा और उसे कहां जमा करना है.
निगरानी के लिए अधिकारी तैनात
बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में एसआइआर प्रक्रिया की निगरानी के लिए अधिकारियों और कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. कतरास क्षेत्र में लेबर सुपरिटेंडेंट, अंचल अधिकारी और जिला कल्याण पदाधिकारी स्तर से निगरानी की जा रही है. वहीं प्रखंड स्तर पर बीडीओ, सीओ तोपचांची और डीआरडीए निदेशक समेत संबंधित अधिकारी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. लोगों ने प्रशासन से स्वीकार्य दस्तावेजों को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है.
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सभी मामले की सुनवाई हो रही है
बीडीओइस बाबत बाघमारा के बीडीओ लक्ष्मण यादव ने कहा कि एसआइआर के आलोक में निर्गत नोटिस के सिलसिले में लोग दस्तावेज लेकर सत्यापन के लिए केंद्र में पहुंचे हैं. दस्तावेजों की जांच, नोटिस का जवाब और आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने की प्रक्रिया जारी है. सभी मामले में सुनवाई की जा रही है.
