Dhanbad News: खनन के बाद सामुदायिक विकास और रोजगार पर होगा फोकस

माइंस क्लोजर एडवाइजरी कमेटी के गठन से पूर्व स्टेकहोल्डर्स के साथ की गयी बैठक

कोयला खदानों के बंद होने के बाद क्षेत्रीय विकास, रोजगार और आजीविका के लिए ठोस व व्यावहारिक योजना बनाना आवश्यक है. उक्त बातें उपायुक्त आदित्य रंजन ने शुक्रवार को आवासीय कार्यालय में हुई माइंस क्लोजर एडवाइजरी कमेटी के गठन से पूर्व सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक में कही. इसमें खनन समाप्ति के बाद सामुदायिक विकास, कौशल विकास, वैकल्पिक आजीविका, रोजगार सृजन और स्थायी विकास मॉडल पर सुझाव मांगे गये. बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार बाउरी, जिला योजना पदाधिकारी सहित बीसीसीएल, सेल, ईसीएल और टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

स्थायी समाधान, पौधरोपण और जियो-टूरिज्म पर जोर

तय हुआ कि स्थायी समाधान के लिए समय-समय पर बैठक और ओपन फोरम आयोजित किये जायेंगे. स्थानीय समुदायों और स्वयं सहायता समूहों को परियोजनाओं के संचालन में भागीदार बनाया जायेगा. पौधरोपण, जियो-टूरिज्म को बढ़ावा देने, वैकल्पिक आर्थिक संसाधन विकसित करने पर भी चर्चा हुई.

कमेटी की संरचना तय

माइंस क्लोजर एडवाइजरी कमेटी का गठन संबंधित जिले के उपायुक्त की अध्यक्षता में होगा. इसमें स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच या सचिव, प्रतिष्ठित एनजीओ प्रतिनिधि, सहायक कंपनी के नोडल अधिकारी (माइंस क्लोजर), खदान के प्रोजेक्ट अधिकारी, सेवानिवृत्त वन अधिकारी सदस्य होंगे.

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Published by: Ashok kumar

आशीष कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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