धनबाद. आइआइटी आइएसएम धनबाद में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एडवांसेज इन सस्टेनेबल डेवलपमेंट, इनोवेशन एंड बिजनेस (आइसी एडीआइबी-2026) का समापन हुआ. अंतिम दिन एकेडमिया, इंडस्ट्री, रिसर्च और पब्लिक सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट, इनोवेशन और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किये. सम्मेलन में शोध, तकनीकी नवाचार और उद्योग जगत की जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई.
शोधकर्ताओं ने प्रस्तुत किये शोधपत्र
कार्यक्रम की शुरुआत टेक्निकल सेशन-3 से हुई. इसमें विभिन्न रिसर्चर्स और स्कॉलर्स ने अपने शोध प्रस्तुत किये. प्रस्तुत शोध में सस्टेनेबल डेवलपमेंट, इनोवेशन और बिजनेस से जुड़े विषयों पर शोध निष्कर्ष और विचार साझा किये गये.
इसके बाद बीसीसीएल के हेड (सेल्स रियलाइजेशन) देव कुमार वर्मा, ईस्ट सेंट्रल रेलवे के डीआरएम अखिलेश मिश्रा और डीवीसी के एडिशनल सेक्रेटरी डॉ डीवी रंजन ने की-नोट संबोधन दिया. उन्होंने सस्टेनेबल डेवलपमेंट और इनोवेशन को आगे बढ़ाने में इंडस्ट्री तथा पब्लिक सेक्टर की भूमिका पर चर्चा की.
शोध सहयोग और नॉलेज शेयरिंग पर जोर
वैलेडिक्टरी सेशन में कॉन्फ्रेंस के को-कन्वीनर प्रो शशांक बंसल ने सम्मेलन की उपलब्धियों की जानकारी दी. कन्वीनर प्रो हिमांशु गुप्ता ने बेस्ट पेपर अवॉर्ड की घोषणा की. ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी प्रो प्रीति रॉय ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में विट्स यूनिवर्सिटी, जोहान्सबर्ग के प्रो मोइनाक मैती और यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के प्रो तपन कुमार सरकार ने सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में डेटा और इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच की भूमिका पर जोर दिया था. दो दिवसीय सम्मेलन ने एकेडमिया, इंडस्ट्री और पब्लिक सेक्टर के बीच रिसर्च कोलैबोरेशन और नॉलेज शेयरिंग के लिए साझा मंच उपलब्ध कराया.
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