Dhanbad News : वरीय संवाददाता, धनबाद. आइआइटी आइएसएम के पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग एंड डेटा एनालिसिस–2026 (एक्यूएमडीए- 2026) शनिवार को शुरू हो गया. कार्यशाला में देश-विदेश के वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और शोधार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही.
वैज्ञानिक शोध और नीति के बीच सेतु :
स्वागत भाषण में प्रो मनीष जैन ने बढ़ते वायु प्रदूषण को गंभीर वैश्विक चुनौती बताते हुए कहा कि उन्नत मॉनिटरिंग तकनीक, रियल-टाइम डेटा विश्लेषण और बहु-विषयक शोध की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है.
विश्वसनीय डेटा पर जोर :
मुख्य अतिथि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव नीलेश कुमार साह ने कहा कि प्रभावी वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए विश्वसनीय डेटा और मजबूत नियामक ढांचा अनिवार्य है.
ज्ञान से तकनीक तक की यात्रा :
अध्यक्षता करते हुए निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि ज्ञान आधार है, विज्ञान उसका विश्लेषण और प्रौद्योगिकी उसका व्यावहारिक उपयोग है.
तकनीकी सत्र और वैश्विक दृष्टिकोण :
विभागाध्यक्ष प्रो आलोक सिन्हा ने सैटेलाइट डेटा, ग्राउंड मॉनिटरिंग, एआइ आधारित मॉडलिंग और उद्योग सहयोग को एकीकृत करने की आवश्यकता बतायी. प्रो. योगिंदर पी. चुघ (एसआईयू-कार्बोंडेल, अमेरिका) ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में वायु गुणवत्ता चुनौतियों पर व्याख्यान दिया.
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