हनुमान जयंती पर गुरुवार को शहर में शौर्य, वीरता और भक्ति का अनूठा संगम दिखा. इस अवसर पर भक्तों ने श्रद्धा भाव से हनुमान जी की पूजा की. प्रमुख हनुमान मंदिर हो या फिर गली मुहल्लों के मंदिर, हर जगह पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ रही. कहीं गदा पूजन किया जया, तो कहीं हनुमान जी को 51 किलो लड्डू का भोग लगा प्राक्टय उत्सव मनाया गया. इधर एकल अभियान की युवा समिति की ओर से भुईंफोड़ मंदिर, धनबाद से हनुमान मंदिर, रणधीर वर्मा चौक तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी. इस दौरान पूरे शहर में एक ही नारा, एक ही नाम… जय श्रीराम, जय श्रीराम गूंज उठा. गाजे-बाजे के साथ निकाली गयी शोभा यात्रा में मोहक झांकियां, हाथों में वीर हनुमान का पताका, केसरिया पगड़ी बांधे उत्साहित भक्त जय श्री राम, राम भक्त हनुमान के जयकारे लगाते चल रहे थे.
रथयात्रा की तर्ज पर भक्तों ने खींचा भगवान श्रीराम का रथ
भूईफोड़ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अपराह्न चार बजे से शोभा यात्रा निकाली गयी. इसमें सबसे आगे हनुमान जी श्री राम व लक्ष्मण को कंधे पर लिये, उसके बाद रथ पर सवार अयोध्या में स्थापित श्रीराम की प्रतिमा के स्वरूप को खींचते श्रद्धालु थे. पुरी में जगरनाथ प्रभु की रथयात्रा की तर्ज पर श्रद्धालुओं ने श्रीराम के रथ को खींचा. उसके पीछे कई मोहक झांकियां शामिल थीं. शोभायात्रा में विशाल गोरिल्ला का वेश धरा कलाकार आकषर्ण का केंद्र था.
