नीरज सिंह हत्याकांड : पंकज शूटरों को देता रहा नीरज का लोकेशन
धनबाद : यूपी के सुल्तानपुर लंभुआ निवासी पंकज सिंह मोबाइल से किसी से बात कर 21 मार्च को लगातार पूर्व डिप्टी मेयर नीरज का लोकेशन ले रहा था. लोकेशन की जानकारी वह शूटरों को फोन कर देता रहा. पूर्व की योजना के अनुसार सरायढेला ब्रेकर के पास पहुंचकर शूटर अमन सिंह, विजय व मोनू नीरज […]
धनबाद : यूपी के सुल्तानपुर लंभुआ निवासी पंकज सिंह मोबाइल से किसी से बात कर 21 मार्च को लगातार पूर्व डिप्टी मेयर नीरज का लोकेशन ले रहा था. लोकेशन की जानकारी वह शूटरों को फोन कर देता रहा. पूर्व की योजना के अनुसार सरायढेला ब्रेकर के पास पहुंचकर शूटर अमन सिंह, विजय व मोनू नीरज सिंह का इतंजार कर रहे थे.
एक बाइक पर अमन व सतीश तथा दूसरी बाइक पर मोनू व विजय सवार थे. यूपी एसटीएफ द्वारा हथियार समेत मिर्जापुर में पकड़े गये अमन सिंह ने स्थानीय पुलिस की पूछताछ में तीन मई को यह जानकारी दी है. बयान में झरिया विधायक संजीव सिंह के नाम का उल्लेख नहीं है. एसटीएफ यूपी ने अमन व उसके साथी अभिनव की तलाशी ली तो दो पिस्टल, कारतूस व कई मोबाइल बरामद हुए. अमन की जेब से एक लाल रंग की डायरी बरामद की गयी,
जिसमें उसके रिश्तेदारों के नंबरों के साथ धनबाद में घटित नीरज सिंह हत्याकांड से संबंधित मोबाइल नंबर अंकित थे. मिर्जापुर कोतवाली थाने में दर्ज एफआइआर के अनुसार सख्ती से पूछताछ के दौरान अमन ने खुलासा किया है कि 21 मार्च को उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या की थी.
मिर्जापुर जेल में बंद रिंकू सिंह ने सुलतानपुर के पंकज सिंह का मोबाइल नंबर देते हुए कहा था कि बात कर लो. धनबाद में नीरज सिंह का काम करना, बहुत पैसे मिलेंगे. रिंकू के कहने पर अमन ने पंकज से बात की और घटना से पहले धनबाद पहुंच उससे मिला. पंकज ने अपने तीन साथियों विजय, मोनू व सतीश से मिलवाते हुए चारों को हत्या का काम सौंपा. एक मकान में रुकवाकर चारों को हथियार व कारतूस दिये गये. घटना को अंजाम देने की पूरी प्लानिंग व घटनास्थल की रेकी भी पंकज ने करायी.
अमन ने बताया है कि दो बाइक से चारों लोग सरायढेला ब्रेकर के पास पहुंचकर नीरज सिंह के आने का इंतजार करने लगे. नीरज सिंह अपनी फारचुनर गाड़ी से ब्रेकर के पास पहुंचे और गाड़ी धीमी हुई. हमारे साथी मोनू ने सबसे पहले ड्राइवर को कवर गोली मारी तथा हम तीनों ने नीरज सिंह समेत बाकी बैठे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग करके नीरज सिंह तथा उनके चालक व साथी की हत्या कर दी. हत्या के उपरांत हम चारों लोग मोटरसाइकिल से हाइवे पर पहुंचकर मोटरसाइिकल वहीं छोड़कर ऑटो से आसनसोल पहुंच गये. पंकज आसनसोल में मिला. हम चारों ने अपने हथियार उसे सौंप दिये. वहीं पंकज ने हमलोगों को खरचा के लिए पैसे दिये. चारों को 50-50 लाख रुपये कुछ दिन बाद देने की बात कहकर चले गये. वहां से हम चारों अपनी-अपनी जगह के लिए चले गये.