धनबाद. धनबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दून एक्सप्रेस के एक जनरल कोच से 78 जीवित कछुए बरामद किये हैं. कछुए चार लावारिस बैग और थैलों में रखे गये थे. बरामद कछुओं को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्रदान करते हुए आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है.
आरपीएफ की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ पोस्ट धनबाद के नेतृत्व में गठित विशेष टीम और सीआईबी धनबाद की टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर 11-12 सितंबर की रात ऑपरेशन वाइलेप (WILEP) के तहत संयुक्त जांच अभियान चलाया. इसी दौरान ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस के धनबाद स्टेशन पहुंचने पर उसकी जांच की गयी.
जनरल कोच में मिले चार लावारिस बैग
जांच के दौरान इंजन से दूसरे जनरल कोच में दो थैले और दो पिठ्ठू बैग लावारिस अवस्था में मिले. कोच में मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गयी, लेकिन किसी ने भी बैगों पर अपना दावा नहीं किया. संदेह होने पर बैगों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर जांच की गयी.
बैगों में मिले जीवित कछुए
तलाशी के दौरान एक सफेद थैले से 31, डेनिम रंग के बैग से 16, हरे रंग के बैग से 19 और नीले रंग के बैग से 12 जीवित कछुए बरामद हुए. इस तरह कुल 78 जीवित कछुए जब्त किये गये. प्रारंभिक पहचान में इन्हें इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति का कछुआ बताया गया है.
वन विभाग को सौंपे गये कछुए
आरपीएफ ने सभी कछुओं को नियमानुसार जब्त कर पोस्ट लाया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद वन विभाग को सौंप दिया. मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है और बैगों के वास्तविक मालिक का पता नहीं चल सका है. आरपीएफ अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कछुओं को कहां से लाया जा रहा था और उनका संभावित गंतव्य क्या था.
वन्यजीव तस्करी पर निगरानी तेज
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों के अनुसार ट्रेनों के माध्यम से वन्यजीवों की अवैध तस्करी रोकने के लिए नियमित निगरानी और विशेष अभियान चलाये जा रहे हैं. धनबाद स्टेशन पर की गयी यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मामले की आगे की जांच संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है.
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