संवाददाता, धनबाद.
जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही ट्रांसफॉर्मर भी दम तोड़ने लगे हैं. यहीं कारण है कि पिछले 29 दिनों में 64 ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड के कारण खराब हो चुके हैं. रोजाना ट्रांसफॉर्मर खराब हो रहे हैं. टीआरडब्ल्यू में रोज चार से पांच खराब ट्रांसफॉर्मर मरम्मत के लिए आ रहे हैं. यहां बेहाल करने वाली गर्मी में कर्मी खराब ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत में जुटे हुए हैं.मरम्मत के लिए चार डिवीजन से आते हैं ट्रांसफॉर्मर :
टीआरडब्ल्यू में धनबाद, गोविंदपुर, निरसा व झरिया डिवीजन क्षेत्र में खराब होने वाले ट्रांसफॉर्मरों को भेजा जाता है. यहां खराब ट्रांसफॉर्मरों को लाया जाता है और उसके बदले में बना हुआ ट्रांसफॉर्मर ले जाकर उसे इंस्टॉल कर दिया जाता है.टीआरडब्ल्यू में हैं पर्याप्त ट्रांसफॉर्मर :
टीआरडब्ल्यू के कार्यपालक अभियंता देव प्रसाद दत्ता ने बताया कि वर्कशॉप में पर्याप्त सामान उपलब्ध है. यहां ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत का काम लगातार जारी है. खराब ट्रांसफॉर्मर आने पर उसे बदल कर बना हुआ ट्रांसफॉर्मर दिया जा रहा है.कर्मचारियों का है बुरा हाल :
वर्कशॉप में काम करने वाले कर्मचारियों का बुरा हाल है. यहां सेफ्टी कीट तो दूर कर्मचारी गर्मी से बचने के लिए कपड़े उतार कर काम करने को विवश हैं. यही नहीं यहां काम करने वाले कर्मचारियों को माह में पांच से छह हजार रुपये ही मिल पाते हैं. कर्मचारियों ने बताया कि एक ट्रांसफॉर्मर को रिपेयर करने पर 800 रुपये मिलते है. दिन भर में आठ कर्मी मिलकर सिर्फ दो से तीन ट्रांसफॉर्मर ही बना पाते है. यह हाल गर्मी में होता है. ठंड के मौसम में तो एक ट्रांसफाॅर्मर की ही मरम्मत हो पाती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
