Dhanbad News: मॉडल केंद्र की तर्ज पर अपग्रेड होंगे जिले के 400 आंगनबाड़ी केंद्र

Dhanbad News: डिजिटल शिक्षा और खेल-आधारित पढ़ाई से बच्चों को मिलेगा नया माहौल

Dhanbad News: डिजिटल शिक्षा और खेल-आधारित पढ़ाई से बच्चों को मिलेगा नया माहौलDhanbad News: धनबाद जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को अब आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट मॉडल सेंटर के रूप में विकसित किया जायेगा. इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक प्री-स्कूल मॉडल में बदलना है, जहां पोषण के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले. धनबाद के बाबूडीह में पहला स्मार्ट मॉडल आंगनबाड़ी सेंटर तैयार किया गया है. अब इसी मॉडल के आधार पर अन्य केंद्रों को भी विकसित किया जायेगा. इस संबंध में जिला समाज कल्याण विभाग ने आरएफपी जारी किया है. जिले में वर्तमान में 950 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं. इसमें पहले चरण में 400 से अधिक केंद्रों को मॉडल सेंटर बनाया जायेगा. इसके लिए निविदा प्रक्रिया 12 मई से शुरू हो चुकी है, दो जून 2026 को टेंडर अवार्ड किया जायेगा.

डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट लर्निंग की होगी सुविधा

स्मार्ट मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में डिजिटल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर रहेगा. इन केंद्रों में स्मार्ट लर्निंग किट, गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री और खेल-आधारित शिक्षा मॉडल विकसित किया जायेगा. बच्चों को रंगों, वर्णमाला, गिनती, सप्ताह के दिन, मौसम और सामान्य ज्ञान की जानकारी इंटरएक्टिव तरीके से दी जायेगी. केंद्रों की दीवारों को चाइल्ड फ्रेंडली थीम पर रंगीन शैक्षणिक चित्रों से सजाया जायेगा. वहीं बच्चों के आकार के फर्नीचर, प्ले इक्विपमेंट, स्टोरेज यूनिट और सुरक्षित शिक्षण वातावरण तैयार किया जाएगा.

पोषण, मानसिक विकास और स्कूल रेडीनेस पर रहेगा फोकस

परियोजना का मुख्य उद्देश्य शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास पर काम करना है. मॉडल सेंटरों में बच्चों के पोषण, मानसिक विकास, सामाजिक व्यवहार और भाषा विकास को एक साथ मजबूत करने की योजना है. विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती छह वर्ष बच्चों के मस्तिष्क के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. इसे ध्यान में रख “होलिस्टिक चाइल्ड डेवलपमेंट मॉडल” तैयार किया गया है. बच्चों को औपचारिक स्कूल शिक्षा के लिए तैयार करने व ड्रॉप आउट कम करने पर भी फोकस रहेगा.

सेविकाओं को प्रशिक्षित करने की योजना

मॉडल सेंटरों के जरिये ड्रॉपआउट बच्चों को केंद्र से दोबारा जोड़ने का प्रयास होगा. साथ ही आंगनबाड़ी सेविका- सहायिकाओं को नयी शिक्षण तकनीक, डिजिटल लर्निंग और बाल मनोविज्ञान से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा.

केंद्रों में विकसित होगी पोषण वाटिका

सभी मॉडल केंद्रों में “पोषण वाटिका” भी विकसित की जायेगी, जहां हरी सब्जियां और पौष्टिक पौधे उगाये जायेंगे. जहां पर्याप्त जगह है, वहां चहारदीवारी का निर्माण कराया जायेगा.

एजेंसी को देनी होगी पूरी ट्रांसफॉर्मेशन रिपोर्ट

परियोजना के तहत चयनित एजेंसी को भवनों के नवीनीकरण, रंग-रोगन, फर्नीचर, स्मार्ट लर्निंग किट, खेल सामग्री और अन्य संसाधनों की आपूर्ति करनी होगी. एक मॉडल सेंटर के उन्नयन पर लाखों रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि पूरी परियोजना करोड़ों रुपये की होगी. एजेंसी को काम पूरा होने के बाद फोटो और रिपोर्ट के साथ ट्रांसफॉर्मेशन रिपोर्ट भी जमा करनी होगी. जिला प्रशासन का लक्ष्य आने वाले वर्षों में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मॉडल सेंटर में बदलना है.

क्या होगा फायदा

1. बच्चों को शुरुआती शिक्षा बेहतर और आकर्षक माहौल में मिल सकेगी.

2. आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति और नामांकन बढ़ेगा.

3. गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषण सेवाएं बेहतर तरीके से मिलेंगी.

4. डिजिटल और खेल आधारित शिक्षा से बच्चों के मानसिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

5. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रारंभिक बाल शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी.

क्या-क्या होगा बदलाव

1. पुराने आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट मॉडल सेंटर के रूप में विकसित किया जायेगा.

2. केंद्रों की दीवारों, कमरों और बैठने की व्यवस्था को बच्चों के अनुकूल बनाया जायेगा.

3. कई केंद्रों में स्मार्ट टीवी और डिजिटल लर्निंग सामग्री उपलब्ध करायी जायेगी.

4. भवनों में स्वच्छता, सुरक्षा और पेयजल सुविधाओं को बेहतर किया जायेगा.

5. पोषण ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ेगा.

क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं

1. बच्चों के लिए खेल सामग्री और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग की व्यवस्था होगी.

2. स्वच्छ शौचालय और साफ पेयजल की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.

3. मॉड्यूलर किचन और पोषण वाटिका जैसी सुविधाएं विकसित होंगी.

4. बच्चों के लिए रंगीन क्लासरूम, फर्नीचर और आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी.

5. कई मॉडल केंद्रों में सोलर पावर और आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.

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Published by: Om prakash rawani

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