भाजपा : संगठन पर हावी हो रहे हैं जन प्रतिनिधि

कार्यकर्ता व विधायकों में बढ़ रहीं दूरियां धनबाद : कोयलांचल भाजपा में संगठन पर अब जन प्रतिनिधि हावी होने लगे हैं. यहां जन प्रतिनिधियों व कायकर्ताओं के बीच दूरी बढ़ने लगी है. केंद्र व राज्य की सत्ता में मजबूत पकड़ के बाद धनबाद भाजपा में इन दिनों नयी कार्य संस्कृति विकसित हो रही है. यहां […]

कार्यकर्ता व विधायकों में बढ़ रहीं दूरियां

धनबाद : कोयलांचल भाजपा में संगठन पर अब जन प्रतिनिधि हावी होने लगे हैं. यहां जन प्रतिनिधियों व कायकर्ताओं के बीच दूरी बढ़ने लगी है. केंद्र व राज्य की सत्ता में मजबूत पकड़ के बाद धनबाद भाजपा में इन दिनों नयी कार्य संस्कृति विकसित हो रही है. यहां मेयर, चार विधायक व सांसद सभी भाजपा के हैं. पार्टी का दावा है कि धनबाद जिला में ढाई लाख से अधिक प्राथमिक सदस्य हैं. इसमें सक्रिय सदस्य भी शामिल हैं.
भाजपा में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है. इससे पुराने नेता, कार्यकर्ता खुद को असहज भी महसूस कर रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों से यहां भाजपा के कार्यक्रमों में पूरी तरह जन प्रतिनिधि हावी दिख रहे हैं. जिस क्षेत्र में पार्टी का बड़ा कार्यक्रम होता है, उस क्षेत्र में वहां के विधायक का प्रभाव साफ दिखता है. कार्यक्रम में मंच पर कैसा बैनर लगेगा, कौन-कौन कहां बैठेंगे, यह सब कार्यक्रम वाले क्षेत्र के विधायक तय कर रहे हैं. अगर वहां विधायक नहीं हैं तो उस क्षेत्र से पार्टी के प्रमुख दावेदार हावी हो जाते हैं. कार्यक्रम का सारा खर्च भी जन प्रतिनिधियों के माथे पर ही रहता है.
जोहार जन आशीर्वाद यात्रा में भी दिखा प्रभाव : 16 एवं 17 अक्तूबर को धनबाद जिला में मुख्यमंत्री रघुवर दास जोहार जन आशीर्वाद यात्रा पर आये हुए थे. पांच विधानसभा क्षेत्रों में सीएम ने कई आम सभा व स्वागत सभाओं को संबोधित किया. हर क्षेत्र में बैनर का स्वरूप अलग-अलग था. इन कार्यक्रमों में जन प्रतिनिधियों के खास नेता-कार्यकर्ताओं को ही तरजीह मिलती है.

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