धनबाद : यह अपने आप में बेहद चौंकाने वाली बात है. धनबाद नगर निगम को एक अप्रैल, 2016 को शहरी क्षेत्र का नक्शा पास करने का अधिकार मिला था. तीन साल से अधिक गुजर चुके हैं. इन तीन सालों में नगर निगम से केवल सात कॉमर्शियल नक्शे ही पास हुए हैं. आज भी बड़े प्रोजेक्ट (कॉमर्शियल) के 52 नक्शे पेंडिंग हैं. निगम ने 77 नक्शों को तकनीकी कारणों से वापस कर दिया गया.
तीन साल में सिर्फ सात कॉमर्शियल नक्शे पास
धनबाद : यह अपने आप में बेहद चौंकाने वाली बात है. धनबाद नगर निगम को एक अप्रैल, 2016 को शहरी क्षेत्र का नक्शा पास करने का अधिकार मिला था. तीन साल से अधिक गुजर चुके हैं. इन तीन सालों में नगर निगम से केवल सात कॉमर्शियल नक्शे ही पास हुए हैं. आज भी बड़े प्रोजेक्ट […]

कंस्ट्रक्शन कार्य से जुड़े बिल्डर कहते हैं- निगम नक्शे क्याें पेंडिंग रख रहा है या रिजेक्ट कर रहा है, यह बात किसी से छुपी नहीं है. तीन साल में 609 लोगों ने आवासीय व कॉमर्शियल बिल्डिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन किया. अब तक 481 नक्शे पास हुए हैं. इनमें 350 आवासीय, एक असेंबली, सात कॉमर्शियल, एक मेडिकल व दो मिक्स बिल्डिंग का नक्शा है.
क्या है नक्शा का खेल : एलटीपी (लर्निंग टेक्निकल पर्सन) के माध्यम से भवन शाखा की वेबसाइट पर ऑनलाइन नक्शा आता है.यह अलग-अलग बाबुओं के टेबल से पास हाेता है. निगम में निजी भवनाें के लिए 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर निर्धारित है, जबकि कॉमर्शियल के लिए यह दर 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर है. जानकारों की मानें तो अगर निजी घर का नक्शा है, तो आवेदक को सरकारी फीस के अलावा 12 से 16 रुपया प्रति वर्गफुट अतिरिक्त देना ही पड़ता है.
व्यावसायिक भवनाें के लिए यह दर सरकारी फीस के अलावा 18-22 रुपया प्रति वर्गफुट है. बिल्डर बताते हैं- निगम गलत नक्शा पास करने के पैसे नहीं लेता, सही काम करने के ही पैसे लिये जाते हैं. जहां बात बनने में देर हाेती है, वैसे नक्शे लंबित रख दिये जाते हैं. अभी धनबाद में लगभग 52 कॉमर्शियल नक्शे लंबित हैं. निजी नक्शे ज्यादा नहीं लटकाये जाते.
और यह भी जानें
बड़े प्रोजेक्ट (कॉमर्शियल) के 52 नक्शे लंबित
77 नक्शा तकनीकी कारणों से किया वापस
60-70 फीसदी नक्शा टाउन प्लानर करते हैं वापस
क्या है सरकारी फीस
आवासीय घर : "20 वर्ग मीटर
कॉमर्शियल : "40 वर्ग मीटर
लेबर सेस : "14 वर्ग फुट
नक्शा के लिए क्या है जरूरी
आवासीय नक्शा के लिए 12 फुट की सड़क और अपार्टमेंट के लिए 20 फुट की सड़क होनी चाहिए. इसके अलावा डीड, खतियान, म्यूटेशन, पंजी-2, मालगुजारी रसीद, होल्डिंग टैक्स आदि भी चाहिए.
नगर आयुक्त से बातचीत
बिना घूस लिये नक्शा पास नहीं होता है?
आरोप निराधार हैं. भुक्तभोगी साक्ष्य दें, कार्रवाई होगी.
52 नक्शे पेंडिंग और 74 वापस क्यों किये गये?
तकनीकी कारणों से आवेदन पेंडिंग हैं. नक्शा के साथ आवश्यक डॉक्यूमेंट्स नहीं थे, लिहाजा 74 वापस किये गये.
नक्शा डिजिटल सिग्नेचर के कारण भी फंसता है?
सप्ताह में एक दिन डिजिटल सिग्नेचर होता है. इस कारण नक्शे में थोड़ी देरी होती है.
घूस की जानकारी दें कार्रवाई होगी
नक्शा पास कराने के नाम पर घूस मांगने की जानकारी है, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं है. आम जनता से अपील है कि कोई घूस मांगता है, तो साक्ष्य उपलब्ध करायें. निश्चित रूप से कार्रवाई होगी.
चंद्रशेखर अग्रवाल, मेयर