अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस में इस हाल में पकता-सर्व होता है खाना
धनबाद : अगर आप ट्रेन का सफर करने की सोच रहे हैं, तो कुछ बातों पर गौर जरूर करें. इनमें ट्रेनों में परोसा जाने वाला भोजन भी शामिल है. सवाल आपकी और आपके परिवार की सेहत का है, इसलिए पैंट्री कार का खाना सेवन करने से पूर्व एक बार भलीभांति जांच-परख लें. दरअसल ट्रेनों में यात्रियों को परोसा जाने वाला यह भोजन आपको बीमार बना सकता है.
रविवार को नयी दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस के 36 यात्रियों का बीमार होना उदाहरण है. देश की सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन मानी जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस की पैंट्री कार का खाना खाने से इन यात्रियों की तबीयत बिगड़ गयी थी. आरोप हैं कि यात्रियों को घटिया पनीर व चिकेन परोसा गया.
रेलवे खानपान सेवाओं में सुधार के चाहे कितने भी दावे कर ले, हकीकत दावों की पोल खोल देती है. ट्रेनों की पैंट्री कार में गंदगी के बीच बनने वाला खाना, जूठे और गंदे बर्तन तथा परोसने का तरीका यात्रियों से धोखाधड़ी ही तो है. ट्रेनों की पैंट्री कार की हकीकत जानने के लिए सोमवार को प्रभात खबर धनबाद जंक्शन पर पहुंचा. प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर पहुंची 12988 अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस की पैंट्री कार का जायजा लेने पर हालात बद-से-बदतर पाया गया.
कागजों में ही रह गयी रेलवे की घोषणा : रेल यात्रा के दौरान खाने की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए रेलवे ने पिछले साल बड़ा कदम उठाने की घोषणा की थी. नये कदम से बार-बार खाने में मिलने वाली शिकायतों पर विराम लगने की बात कही गयी थी. अधिकारियों का मानना था कि रेलवे की इस योजना से दो लाभ होंगे.
पहला- रेल यात्रियों को एयरलाइंस जैसा खाना मिलेगा. दूसरा- कुक पर सीधे नजर रखी जा सकेगी. रेलवे ने पैंट्री कार में व्यापक सुधार के अलावा बर्तन धोने की व्यवस्था पर भी काफी कुछ विचार किया था. मंत्रालय की यह योजना आज तक पैंट्री कारतक नहीं पहुंच पायी. नतीजा, हालात गंभीर होते जा रहे हैं. चंद पैसों के लिए यात्रियों की जान सांसत में डाली जा रही है. अच्छा-खासा पैसा खर्चने के बाद भी यात्री खुद को ठगा महसूस कर रहा है.
