धनबाद/सिंदरी : सिंदरी एसीसी प्लांट हादसे में मृत तीनों मजदूर टेक्नो इंजीनियरिंग कंपनी के ठेका मजदूर थे. शुक्रवार को तीनों का पोस्टमार्टम पीएमसीएच में होगा. इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जायेगा. रात में जालान अस्पताल से शव को पीएमसीएच ले जाने की बात हो रही थी.
अस्पताल आने के बाद सभी अधिकारी हुए फरार
लगभग साढ़े बजे एसीसी के अधिकारी कुंदन कुमार सहित कई तीनों मजदूरों को लेकर एंबुलेंस से एशियन जालान अस्पताल पहुंचे. यहां जांच के बाद मजदूरों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. इसके बाद मजदूरों को लाने वाले अधिकारी धीरे-धीरे यहां से निकलने लगे. चिकित्सकों को बिना कुछ बताये एक-एक कर सभी अस्पताल से भाग गये. इसके बाद यहां मजदूर व उसके परिजन आने लगे.
मजदूरों ने किया एंबुलेंस का पीछा
घटना के वक्त प्लांट में काम कर रहे मजदूरों को इसकी भनक तक प्रबंधन ने नहीं लगने दी. सायरन बजने के बाद भी उन्हें घटना की जानकारी नहीं मिली. किसी तरह अंदर के एक-दो मजदूरों को इसकी जानकारी मिली. तब जाकर प्लांट में दुर्घटना की सूचना फैली. प्लांट से एंबुलेंस निकलने के बाद कई मजदूर बाइक से पीछा करने लगे. पीछा करते-करते हुए सभी एशियन जालान पहुंचे. तब-तक अधिकारी फरार हो चुके थे.
छह माह से मशीन से नहीं हो रही थी सफाई
अस्पताल पहुंचे एसीसी के मजदूर प्रबंधन के रवैये से काफी आक्रोशित थे. मजदूरों ने बताया कि सीमेंट से भरे सेलो ऊंचाई से नीचे आती है. इसी में सीमेंट पूरी तरह से तैयार होकर काफी ऊंचाई से नीचे आती है. कई बार सेलो में सीमेंट फंस जाता है या फिर कभी-कभी जाम हो जाता है. इसे फंसे सीमेंट को मशीन के सफाई की जाती है. वैक्यूम क्लीनर की तरह मशीन जमे सीमेंट को साफ कर देती है और सीमेंट नीचे गिरने लगता है. लेकिन छह माह से मशीन से सफाई बंद थी, इसे मैनुअल ही कराया जा रहा था.
दो-दो बच्चों के पिता थेे गोपाल व निमाय अजीत को है एक बच्ची
सिंदरी स्व सुखनंदन सिंह के पुत्र गोपाल सिंह (40) का एक लड़का प्रिंस कुमार सिंह (16) व एक लड़की सलोनी कुमारी (17) है. वहीं निमाई के चचेरे भाई प्रदीप मंडल ने बताया कि स्व मुरली मंडल के पुत्र निमाई मंडल (40) के एक लड़का देव मंडल (13) व एक लड़की रिया मंडल (16) पत्नी रीता मंडल है. वहीं अजीत के चचेरे भाई काजल गोराईं ने बताया कि अजीत गोराईं (30) के पिता का नाम पंचानन गोराईं है. पत्नी किरण गोराईं, डेढ़ वर्ष की एक बच्ची है.
सिंदरी एसीसी पुलस छावनी में तब्दील
सिंदरी, गोशाला ओपी व बलियापुर पुलिस घटना के बाद पहुंच गयी है. झरिया सीओ केदार नाथ सिंह, बलियापुर सीओ आशुतोष ओझा आदि ने भी स्थिति का जायजा जाकर लिया. अभी पुलिस छावनी में तब्दील हो गयी है.
पहले भी घट चुकी है घटना
एसीसी सिंदरी में 16 जुलाई 2016 में हुई व्यालर दुर्घटना में तीन मजदूर सुशील भंडारी, कालीचरण महतो, हीरा लाल प्रसाद की मौत हो चुकी थी. उस हादसे में दिनेश महतो जीवित हैं. तीनों मृतकों के परिजनों को एसीसी प्रबंधन द्वारा नियोजित कर लिया गया है. उनके परिजनों को आठ लाख रुपये मुआवजा मिला था. वहीं अपंग हालत में जीवित दिनेश महतो को प्रतिमाह वेतन मिल रहा है.
हादसा दुर्भाग्यपूर्ण : प्रबंधन
एसीसी प्रबंधन ने तीन मजदूरों की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए शोक व्यक्त किया है. कहा है कि मृतक के परिजनों के साथ पूरी सहानुभूति है. कंपनी के नियमानुसार हर सुविधा परिवार को उपलब्ध करायी जायेगी.
कॉस्ट कटिंग में चली गयी मजदूरों की जान
मजदूरों का आरोप है कि छह माह से मशीन से काम नहीं कराया जा रहा था. इसमें कॉस्ट ज्यादा लग रहा था. इसके लिए कंपनी मजदूरों को ही सेलो में घुस कर सफाई करवाया जाता था. तीनों मजदूर बड़े छड़ से सफाई कर ही रहे थे कि अचानक से सीमेंट ऊपर आ गिरा.
टेक्नो इंजीनियरिंग के थे मजदूर, थी कम हाजिरी
मजदूरों ने बताया कि तीनों मजदूर टेक्नो इंजीनियरिंग के अंतर्गत कार्यरत थे. तीनों को कुशल मजदूर की मेहनताना देने की बात एजेंसी करती थी. सरकारी रेट 490 रुपये थी, लेकिन उन्हें 430 रुपये हाजिरी मिलती थी. कुछ लोगों को इससे भी कम हाजिरी मिलती थी.
निमाई मंडल के परिजनों कारो-रो कर बुरा हाल
निमाई के बड़े भाई कृष्णापदो, निमाई की पत्नी व बच्चे एशियन जालान पहुंचे. सभी का रो-रो कर बुरा हाल था. पत्नी बार-बार बेहोश हो रही थी. कहा कि अब बच्चों को कौन देखेगा. कृष्णपदो ने कहा कि घर का एक मात्र कमाऊ सदस्य निमाई ही था. अब हम सभी लोगों को क्या होगा. बच्चे भी अस्पताल के बाहर रोते रहे. इधर, रात नौ बजे तक मृतक अजीत गोराईं के परिजन अस्पताल नहीं पहुंच पाये थे.
गोपाल के भाई ने कहा : प्रबंधन को नहीं छोड़ेंगे
गोपाल के भाई अस्पताल पहुंचे. प्रबंधन द्वारा सूचना नहीं देने पर काफी गुस्से में थे. उन्होंने कहा कि भाई की जान चली गयी. मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं है. कोई देखने वाला नहीं है. प्रबंधन ने भाई की जान ली है. उसे किसी भी कीमत में नहीं छोड़ेंगे.
अस्पताल पहुंचे यूनियन नेता, बंधाया ढाढ़स
घटना के बाद टाइगर फोर्स के नेता धर्मजीत सिंह, जमसं कुंती गुट के नेता लक्की सिंह सहित कई नेता एशियन जालान अस्पताल पहुंचे. परिजनों से मिल कर ढांढस बधाया. परिजनों को आश्र्वस्त किया कि हर हाल में आपकी मांग को पूरा करने के लिए प्रबंधन से वार्ता की जायेगी, नहीं मानने पर आंदोलन होगा.
नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
मिले मुआवजा व नौकरी : धरनीधर
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी समिति के सदस्य धरनीधर मंडल ने कहा कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण घटना घटी है. ढाई साल पहले घटना घटी, और फिर घट गयी. प्रबंधन उचित मुवाजा व नौकरी दे वरना आंदोलन होगा.
पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ : मासस
मासस नेता अध्यक्ष अशोक महतो, अरुण व छोटन चटर्जी ने कहा कि तीन ठेका कर्मियों की मौत दुखद है. मासस पीड़ित परिवार के साथ है. प्रबंधन स्थायी नौकरी व मुआवजा दे या फिर दोषी अधिकारी को निलंबित करे.
परिजन को मिले 10-10 लाख मुआवजा : मंटू
आजसू जिलाध्यक्ष मंटू महतो ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच हो. प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करे. तीनों मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपया मुआवजा मिले और सभी के एक परिजन को कंपनी में नियमति नियोजन दिया जाये.
अन्याय नहीं होगा : जयराम सिंह
मान्यता प्राप्त यूनिनन भामसं के महासचिव जयराम सिंह ने कहा कि मजदूरों के साथ अन्याय नहीं होगा. उन्होंने कहा कि यूनियन मजदूरों के साथ है. हरसंभव सहयोग दिया जायेगा. पीड़ित परिवार को मदद दी जायेगी.
मांगें पूरी करनी होंगी : धर्मजीत
रात को अस्पताल से सिंदरी पहुंचे एटक नेता व टाइगर फोर्स के जिला अध्यक्ष धर्मजीत सिंह ने कहा कि एसीसी सुरक्षा के प्रति गैरजिम्मेदार हैं. उनको हमारी हर मांग माननी होगी, अन्यथा आरपार की लड़ाई होगी. पिछली घटना से कंपनी ने सीख नहीं ली, जो जानलेवा साबित हो रही है. उन्होंने प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी.
बिना शर्त मिले नियोजन : बबलू
मासस नेता बबलू महतो ने एसीसी प्रबंधन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा है कि मृतक के परिजनों को बिना शर्त नियोजन व मुआवजा मिले, वरना जोरदार आंदोलन किया जायेगा. दो साल पहले हुई घटना के बाद भी प्रबंधन की लापरवाही जारी है. इससे मासस बर्दाश्त नहीं करेगी.