सत्या राज
धनबाद : बदलती तकनीक के साथ घर-बाहर का माहौल, लोगों की रुचियां तेजी से बदल रही है. आज की महिलाओं में टीवी सीरियल को लेकर वह क्रेज नहीं रहा, जो पहले हुआ करता था. आज उन्हें ऑनलाइन वीडियो देखना, चैटिंग करना ज्यादा भा रहा है.
उन्हें सीरियल देखने से ज्यादा लगाव सोशल साइट्स से हो गया है. अब घरों में इस बात को लेकर झगड़ा नहीं होता कि टीवी पर खेल या कार्टून देखा जाये कि सास-बहू वाली सीरियल. रोज के इस टेंशन से रिमोट महाराज को भी चैन मिल गया है. महिलाएं कहती हैं कि अब सीरियल देखने की हड़बड़ी नहीं रहती है. दोपहर का समय चैटिंग में बीतता है. लेकिन जरूरी काम रहने से चैटिंग को थोड़ा विश्राम देना पड़ता है. हमें कई जानकारी भी मिल जाती है. स्मार्ट फोन है तो और किसी चीज की जरूरत नहीं.
धारावाहिकों को लेकर महिलाओं में अब वह दीवानगी नहीं
किसी चीज की लत बुरी होती है. हां यह सही है कि गृहस्थी के काम के बाद हमारा कुछ समय चैटिंग में बीतता है. अब हमारी दोस्ती चैटिंग से हो गयी है. दोस्तों, परिजनों और दुनिया भर की खबरों से हम अपडेट रहते हैं.
सहाना राय, कोयला नगर
ऐसे बहुत सारे एेप है जिन्हें डाउन लोड करने से हमारे कई मुश्किल आसान हो रहे हैं. आज कल टिक टैक का बहुत क्रेज है. मुझे पसंद है. सीरियल में कोई खास दिलचस्पी नहीं रह गयी है. चैटिंग भी जरूरी है
नीलू अरोड़ा, विकास नगर
स्मार्ट फोन के साथ हम गृहिणियों ने स्मार्ट वर्क करना सीख लिया. हमारी हर समस्या का समाधान गुगल बाबा कर दे रहे हैं. अब हम भी चैटिंग कर रहे हैं, अब पहले की तरह सीरियल का क्रेज नहीं रहा.
स्मिता प्रसाद, डॉक्टर्स कॉलोनी
सोशल मीडिया से जब से जुड़ी हूं कई पुरानी सखियां मिलीं. पहले काम निबटाने के बाद का समय पसंदीदा सीरियल देखने में निकलता था. आज उस समय में चैटिंग करती हूं. एक-दूसरे के साथ हमेशा टच में रहती हूं.
पूनम राय, बेकारबांध
लाइक, कमेंट्स और शेयर बदलते समय में सबके लिए जरूरी है. हर कोई चाहता है सोशल साइट्स से जुड़े रहना. सोशल साइट्स के जरिये न सिर्फ पुराने संबंध ताजा हो पा रहे हैं, बल्कि नयी जानकारियां भी मिल रही है.
कल्पना पांडेय, बेकारबांध
बदलते समय के साथ सोशल साइट्स से जुड़ना सही है. मनोरंजन के साथ कई तरह की जानकारी मिलती है. सीरियल देखना कम हो गया है. हां सोशल साइट्स पर बनी रहती हूं. दोस्तों और बच्चों के साथ चैटिंग करती हूं.
कंचन मित्रा, हाउसिंग कॉलोनी
