धनबाद: मम्मी मेरा क्या कुसूर…पापा मेरा गुनाह क्या!

बैग में डेढ़ साल के बच्चे को डाल बरवाअड्डा में मिशनरीज के गेट पर छोड़ा धनबाद/बरवाअड्डा : मम्मी मेरा क्या कुसूर…पापा मेरा गुनाह क्या…डेढ़ साल पाल-पोस कर मुझे इस तरह क्यों त्याग दिया? यह सवाल जरूर वह बच्चा कर रहा होगा जिसे मां की गोद और पिता के दुलार से वंचित कर दुनिया के रहमो-करम […]

बैग में डेढ़ साल के बच्चे को डाल बरवाअड्डा में मिशनरीज के गेट पर छोड़ा
धनबाद/बरवाअड्डा : मम्मी मेरा क्या कुसूर…पापा मेरा गुनाह क्या…डेढ़ साल पाल-पोस कर मुझे इस तरह क्यों त्याग दिया? यह सवाल जरूर वह बच्चा कर रहा होगा जिसे मां की गोद और पिता के दुलार से वंचित कर दुनिया के रहमो-करम पर छोड़ दिया गया.
काश अब भी उसके अभिभावक, वो रिश्ते में चाहे जो कोई भी हों, अपनी गलती सुधार लें और बच्चे को घर ले जायें. बच्चा गुरुवार को एक बैग में लटका मिला है और फिलहाल उसे विशेष दत्तक गृह हजारीबाग भेजा जा रहा है.
क्या है मामला : बिरसा मुंडा पार्क के समीप स्थित मिशनरी ऑफ चैरिटी के गेट पर गुरुवार को एक डेढ़ साल का बच्चा बैग में रोता मिला. बैग की चेन खुली थी. बच्चा गर्म कपड़ों में लिपटा हुआ था. बैग में हॉर्लिक्स भी था.
बच्चे के रोने की आवाज सुन कर वहां से गुजर रहा एक राहगीर ठिठक कर रुक गया. पुलिस को सूचना दी गयी.पुलिस ने वहां पहुंच कर बच्चे को मिशनरीज प्रबंधन को सौंप दिया. दोपहर में बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे विशेष दत्तक गृह, हजारीबाग भेज दिया गया. बच्चा किसने छोड़ा, क्यों छोड़ा…को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. कुछ लोग बच्चे के मां-बाप को कोस रहे थे कि उन्होंने ही इस फूल से बच्चे को त्याग दिया होगा. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के गेट पर इसलिए छोड़ा होगा कि उसका पालन-पोषण हो सके. बच्चे को देख कर हर किसी को पीड़ा हो रही थी. हाय, इसका क्या कसूर? क्या इसे कोई पहचानता है?…
मासूम आंखें ढूंढ़ रही थी अपने को
गुरुवार की दोपहर में बच्चे को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया. वह इधर-उधर ताक रहा था. जैसे अनजान चेहरों के बीच अपनी मां को खोज रहा था. वह रह-रह कर रो उठता. बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है. पहनावे से किसी संपन्न परिवार का लगता है. लेकिन जिस तरह उसे मिशनरी के गेट के पास छोड़ा गया है, वह कई सवाल खड़े करता है. क्या वह उसकी मां थी? पिता था? या कोई और? क्या किसी दुश्मन ने ऐसा किया? बच्चे को छोड़ते वक्त उसका दिल नहीं पसीजा? क्या वह संगदिल था?
इस बच्चे को किसी ने बैग में रख कर मिशनरी ऑफ चैरिटी के गेट पर टांग दिया था. पुलिस की सूचना पर इसे वहां से लाया गया है. इसे फिलहाल विशेष दत्तक गृह हजारीबाग भेजा जा रहा है. वहां समुचित देखभाल की व्यवस्था है.

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