अग्निशमन यंत्रों की खरीदारी के नाम पर 40 लाख की लूट!

धनबाद : पीएमसीएच में मरीजों को दवा व इलाज भले ही ठीक से नहीं हो, लेकिन सामानों व यंत्रों की खरीदारी में प्रबंधन की सक्रियता देखते ही बनती है. ताजा मामला अग्निशमन यंत्रों का है. छह माह पूर्व 40 लाख रुपये में लगाये गये अग्निशमन यंत्र बेकार साबित हो गये हैं. अब सरकार ने नये […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 27, 2018 7:23 AM
धनबाद : पीएमसीएच में मरीजों को दवा व इलाज भले ही ठीक से नहीं हो, लेकिन सामानों व यंत्रों की खरीदारी में प्रबंधन की सक्रियता देखते ही बनती है. ताजा मामला अग्निशमन यंत्रों का है. छह माह पूर्व 40 लाख रुपये में लगाये गये अग्निशमन यंत्र बेकार साबित हो गये हैं. अब सरकार ने नये सिरे से टेंडर निकालने का आदेश दिया है. बता दें कि पिछले दिनों रिम्स (रांची) में आगजनी की घटना हुई थी, इसके बाद हाइकोर्ट ने सभी मेडिकल काॅलेजों में अग्निशमन यंत्रों की गुणवत्ता जांचने की आदेश दिया था.
इस जांच में यंत्र को मानकों पर खरा नहीं पाया गया. अर्थात किसी भी तरह की अस्पताल में आगजनी की घटना होने पर यंत्र प्रभावशील तरीके से कार्य नहीं कर पायेगा. अब सरकार ने नये सिरे से टेंडर निकालने का निर्देश दिया है. बता दें कि सात फरवरी 2018 को प्रभात खबर ने अनियमितता के मामले को उठाया था.
एमसीआइ के आगमन के मद्देनजर हुई थी खरीदारी : पीएमसीएच में छह फरवरी 2018 को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) की टीम के आने के एक रात पूर्व अग्नि शमन यंत्र को पीएमसीएच परिसर में स्थापित कर दिया गया. इसके लिए रात में ही कई जगहों पर आलर्म स्टेशन भी बनाये गये. लगभग 150 से ज्यादा जगहों पर अग्नि शमन यंत्र को स्थापित किया गया. इमरजेंसी व ओपीडी परिसर के बाद फायर बाॅकेट भी जैसे-तैसे लगा दिये गये. दूसरे दिन एमसीआइ के जाते ही प्रबंधन की उदासीनता दिखने लगी. अग्नि शमन यंत्र की कोई मॉनिटरिंग नहीं की गयी.
जांच में प्रभावहीन पाये गये यंत्र, नये सिरे से टेंडर निकालने का आदेश