धनबाद: ग्रामीणों को मुख्य धारा में जोड़ने की कवायद बैंकों ने शुरू कर दी है. गांव के एक-एक किसान को बैंक किसान क्रेडिट कार्ड देगा. 36 हजार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड बांटने का लक्ष्य रखा गया है.
फिलवक्त मात्र 3900 किसानों को ही इसका लाभ मिला है. केसीसी वितरण में हो रही परेशानी को देखते हुए गांव को गोद लेने की योजना शुरू की गयी है. प्रथम चरण में 101 गांव को गोद लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. दूसरे, तीसरे, चौथे व पांचवे चरण में अन्य गांवों को गोद लेने की योजना है. जिले में 1348 गांव हैं.
एक लाख तक केसीसी के लिए एलपीसी की आवश्यकता नहीं : एक लाख तक केसीसी के लिए अब एलपीसी(भू संधारण प्रमाण पत्र) की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. पूर्व में पचास हजार के केसीसी पर एलपीसी देना अनिवार्य था. लेकिन सरकार ने इसकी सीमा बढ़ाकर एक लाख कर दी है. पूर्व में एलपीसी के लिए अंचलाधिकारी से प्रमाण पत्र लेना पड़ता था. इसके बाद केसीसी की स्वीकृति मिलती थी. इसमें किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था. इसको देखते हुए सरकार ने एसपीसी की सीमा बढ़ा कर एक लाख की है.
जिले में हैं 56 हजार किसान
जिले में कुल 56 हजार किसान हैं. बीस हजार किसानों को केसीसी का लाभ दिया गया है. शेष 36 हजार किसान को केसीसी देना है. ग्रामीण क्षेत्र में सभी बैंकों के शाखाओं को एक-एक गांव गोद लेने का निर्देश दिया गया है. संबंधित गांव के सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड(केसीसी) देना सुनिश्चित किया गया है. दूसरे चरण में अन्य गांवों को गोद लिया जायेगा.
सुबोध कुमार, एलडीएम
