बिजली का फॉल्ट खोजने का सिस्टम ‘स्काडा’ में ही फॉल्ट

धनबाद : बिजली विभाग में फॉल्ट जानने के लिए बनाया जा रहा स्काडा सिस्टम अभी तक लागू नहीं हो पाया है. इस वजह से भी उपभोक्ताओं के अलावा बिजलीकर्मियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. यहां यह जानकारी हो कि शहर में बिजली व्यव्स्था का हाल बुरा है. आंधी- बारिश आते ही शहर में […]

धनबाद : बिजली विभाग में फॉल्ट जानने के लिए बनाया जा रहा स्काडा सिस्टम अभी तक लागू नहीं हो पाया है. इस वजह से भी उपभोक्ताओं के अलावा बिजलीकर्मियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. यहां यह जानकारी हो कि शहर में बिजली व्यव्स्था का हाल बुरा है. आंधी- बारिश आते ही शहर में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है. लोग अपनी रात अंधेरे में गुजारने पर मजबूर हैं. कहां से बिजली कटी है. किस जगह पर क्या फॉल्ट हुआ है, यही खोजने में विभाग को रात भर समय लग जाता है. खराबी खोजने में विभाग को पेट्रोलिंग करनी पड़ती है. उसके बाद उसे बनाया जाता है.

अगर कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं हो तो उसे बनाने में कुछ ही समय लगता है. मगर विभाग के लिए बड़ी समस्या फॉल्ट खोजना होता है. इसी फॉल्ट को खोजने के लिए धनबाद में बिजली विभाग स्काडा सिस्टम चालू करने की तैयारी कर रहा था. इसके लिए स्काडा भवन भी बना कर तैयार कर लिया गया है. मगर, अभी तक स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन सिस्टम) को चालू नहीं किया गया है. इस वर्ष मार्च माह तक इसे सभी कनेक्शन से जोड़ देना था, मगर यह नहीं हो सका.

कैसे काम करेगा स्काडा सिस्टम : स्काडा सिस्टम फॉल्ट को ऑनलाइन ट्रेस करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसमें सब स्टेशनों पर डिवाइस लगाये जाने के साथ-साथ कंट्रोल रूम रोशनी घर में तैयार किया गया है. किसी क्षेत्र में फॉल्ट आ जाने पर यह कंट्रोल रूम के स्क्रीन पर डिस्पले हो जाएगा और साथ ही उसी क्षेत्र की बिजली गुल रहेगी, जहां फॉल्ट है. फॉल्ट आते ही स्टाफ उसे तत्काल दुरुस्त कर देंगे. महाप्रबंधक सुभाष सिंह ने कहा कि कुछ तकनीकी चीजें जोड़ना बाकी है. उसके बाद यह सिस्टम पूरी तरह तैयार हो जायेगा. जल्द इसे भी कर लिया जायेगा.

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