संजीत मंडल की रिपोर्ट
देवघर : स्वतंत्रता दिवस पर इस बार झारखंड के मतदान केंद्रों पर लोकतंत्र की पाठशाला भी लगेगी. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत 15 अगस्त को राज्यभर में विशेष ग्राम सभा और सभाओं का आयोजन किया जायेगा. इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) प्रारूप मतदाता सूची के एक-एक नाम का सार्वजनिक रूप से वाचन करेंगे. सूची में नाम छूटने से लेकर गलत नाम दर्ज होने तक की पड़ताल मौके पर ही की जायेगी.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष सभा की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है. ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित मतदान केंद्रों वाली पंचायत के पंचायत भवन में, जबकि शहरी क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर ही सभा आयोजित होगी. इसमें संबंधित बूथों के बीएलओ और चुनाव पाठशाला के सदस्य मौजूद रहेंगे.
बीएलओ पढ़ेंगे नाम, छूटे मतदाताओं की होगी पहचान
सभा में बीएलओ प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज सभी मतदाताओं के नाम ऊंची आवाज में पढ़कर सुनायेंगे. इसके साथ ही ऐसे पात्र भारतीय नागरिकों की पहचान की जायेगी, जिनका नाम किसी कारण से सूची में शामिल नहीं हो पाया है. एक अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं से प्रपत्र-6 भरकर मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का अनुरोध किया जायेगा.
नाम और पते में गलती मिली तो प्रपत्र-8 से होगा सुधार
मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में किसी तरह की अशुद्धि मिलने पर प्रपत्र-8 के माध्यम से सुधार की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. वहीं, ऐसे व्यक्तियों की भी पहचान की जायेगी, जो किसी कारण से मतदाता सूची में अयोग्य रूप से शामिल हैं. सभा में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेजों और सत्यापन की अवधि की जानकारी भी दी जायेगी.
हर बूथ की गतिविधि का रखा जायेगा रिकॉर्ड
विशेष ग्राम सभा की पूरी कार्यवाही का रिकॉर्ड बीएलओ पंजी में दर्ज किया जायेगा. साथ ही आयोजन की तस्वीरें भी सुरक्षित रखी जायेंगी. निर्वाचन विभाग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे और अयोग्य नाम भी सूची में नहीं रह सके.
