Deoghar News : बाल संसद में गूंजा वंदे मातरम्, बच्चों की रचनात्मकता ने मोहा मन

पुस्तक मेला न सिर्फ किताबों का संसार है, बल्कि यह संस्कृति, विचार और नयी पीढ़ी की प्रतिभा को मंच देने का भी सशक्त माध्यम बन रहा है. गुरुवार को पुस्तक मेला परिसर में आयोजित बाल संसद के भव्य समापन समारोह ने इसी भावना को जीवंत कर दिया.

प्रमुख संवाददाता, देवघर : पुस्तक मेला न सिर्फ किताबों का संसार है, बल्कि यह संस्कृति, विचार और नयी पीढ़ी की प्रतिभा को मंच देने का भी सशक्त माध्यम बन रहा है. गुरुवार को पुस्तक मेला परिसर में आयोजित बाल संसद के भव्य समापन समारोह ने इसी भावना को जीवंत कर दिया. शुक्रवार की संध्या छह बजे से स्थानीय नागरिकों द्वारा वंदे मातरम् कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी, जिसमें सांसद डॉ निशिकांत दुबे मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे.

छठे दिन भी बच्चों से गुलजार रहा पुस्तक मेला

पुस्तक मेला के छठे दिन भी विभिन्न निजी व सरकारी स्कूलों से आये 300 से अधिक स्कूली बच्चों ने मेला परिसर में अलग-अलग स्टॉल का भ्रमण किया. बच्चों ने न केवल पुस्तकों को देखा बल्कि अपनी पसंद की किताबें खरीदीं. बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए मेला में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन लगातार किया जा रहा है, जिससे उनमें पढ़ने की रुचि के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है.

कविता पाठ प्रतियोगिता

कविता पाठ प्रतियोगिता में बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति देखने को मिली. प्रथम पुरस्कार : आदित्य पाण्डेय एवं अवनीत शाही, द्वितीय पुरस्कार : स्वाति और तृतीय पुरस्कार : शिवांगी को मिला. सभी विजेताओं को प्रदीप कुमार देव और मुकुट पुरोहित द्वारा सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन प्रभाकर ने किया.

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बाल संसद.

बच्चों में नेतृत्व और सामाजिक समझ विकसित करने की पहल

डिवाइन स्कूल की निदेशक ममता किरण के मार्गदर्शन में संचालित बाल संसद का समापन अत्यंत प्रभावशाली रहा. मुख्य अतिथि डॉ एन डी मिश्रा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तक मेला ज्ञान का भंडार है. यहां बाल संसद जैसे कार्यक्रम बच्चों के कौशल विकास के साथ-साथ यह सिखाते हैं कि समाज के मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर कैसे रखा जाये. मुख्य अतिथि को मीडिया प्रभारी नवीन शर्मा और ममता किरण द्वारा मोमेंटो और शॉल देकर सम्मानित किया गया. वहीं विशिष्ट अतिथि जूही केसरी और रितेश केसरी को डॉ इति एवं ममता किरण द्वारा सम्मान प्रदान किया गया.

साहित्य प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने प्रकाशन स्टॉल

पुस्तक मेला में वाणी प्रकाशन और राजकमल प्रकाशन के स्टॉल पर इतिहास, भारतीय संस्कृति और साहित्य से जुड़ी महत्वपूर्ण कृतियां पाठकों को आकर्षित कर रही हैं. यहां भारतीय संस्कृति से लेकर कालजयी साहित्य तक उपलब्ध है. यहां गुनाहों का देवता, आवारा मसीहा (विष्णु प्रभाकर), मनुस्मृति सहित हिंदी और अंग्रेजी साहित्य की अनेक चर्चित पुस्तकें उपलब्ध हैं.

संध्या सत्र में देशभक्ति गीतों पर बच्चों का मनमोहक नृत्य

संध्या सत्र में निजी स्कूलों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों पर नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया. कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया. बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे. यह जानकारी पुस्तक मेला के मीडिया प्रभारी नवीन शर्मा ने दी.

हाइलाइट्स

पुस्तक मेला बना संस्कृति, ज्ञान और प्रतिभा का उत्सव

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लेखक के बारे में

Author: Sanjeet Mandal

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