Trikut Pahar Ropeway Accident: झारखंड के देवघर जिले के त्रिकूट पहाड़ रोपवे हादसा में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने को लेकर रेस्क्यू जारी है. अब तक 28 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और अभी भी 18 -20 लोगों के फंसे होने की सूचना है. इधर, सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हालात पर उनकी नजर है. जल्द ही सभी सुरक्षित निकाल लिए जायेंगे. देवघर के उपायुक्त ने जानकारी दी है कि एयरफोर्स व एनडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है. जल्द ही सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया जायेगा. एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एयरफोर्स व बीएसएफ के जवान रेस्क्यू में लगे हुए हैं.
हालात पर है नजर
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि देवघर त्रिकूट रोपवे हादसे में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन, सेना और NDRF की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है. स्थिति पर लगातार नजर बनी हुई है. शीघ्र ही सभी सकुशल निकाल लिए जायेंगे.
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डीसी ने दी जानकारी
देवघर के उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि त्रिकूट पर्वत पर रोपवे सफर के दौरान फंसे हुए लोगों को एयरफोर्स व एनडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है. अब तक चार लोगों को एयर लिफ्ट और चार लोगों को वर्टीकल लैंड कराया जा चुका है. जल्द ही सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया जायेगा.
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि इस मामले पर राजनीति नहीं हो. तकनीकी गड़बड़ी से घटना घटी है. सरकार इस मामले की जांच करायेगी. चाहे जिसकी भी निष्क्रियता हो, दोषी जो भी हों, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. झारखंड सरकार के अधिकारी रातभर से वहीं हैं. राहत व रेस्क्यू जारी है. सांसद निशिकांत पर तंज कसते कहा कि वे भारत सरकार के कोई अधिकारी नहीं हैं. सिर्फ बयानबाजी करने से कुछ नहीं होता. काम करना चाहिए. मुख्यमंत्री का आदेश है. वे लोग जायजा लेकर रिपोर्ट करेंगे. मृतक परिवार के प्रति गहरी संवेदना है. सरकार उनके लिये कुछ करेगी.
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रोपवे हादसे की होगी जांच
पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि घटना दुःखद है. इस मामले की जांच करायेंगे. दिख रहा है पुलिया टेढ़ा था. कितना दिन से घिसा हुआ चल रहा था. एजेंसी वालों ने पहले ध्यान देकर मेंटेनेंस क्यों नहीं कराया. टर्म कंडिशन देखकर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कराएंगे, फिर टेंडर पर विचार होगा. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पीछे के रास्ते से सड़क को डेवलप कराएंगे, ताकि भविष्य में कोई अनहोनी हो तो राहत व रेस्क्यू चलाने में सहूलियत हो सके. सरकार व अधिकारियों की टीम तत्परता से लगी है.
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गृह मंत्रालय की हाई लेवल मीटिंग
देवघर के त्रिकूट पहाड़ रोपवे की घटना को लेकर दिल्ली में गृह मंत्रालय की हाई लेवल मीटिंग चल रही है. आपको बता दें कि त्रिकूट पहाड़ पर हुए हादसे में फंसे लोगों को बचाने के लिए झारखंड सरकार ने केंद्र से मदद मांगी है. रोपवे पर फंसे हुए लोगों को नीचे उतारने के लिए राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से सहायता का आग्रह किया है. राज्य के पर्यटन सचिव अमिताभ कौशल ने बताया कि राज्य सरकार के पास फंसे हुए पर्यटकों को उतारने के लिए विशेषज्ञ नहीं हैं. भारत सरकार से पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए हेलिकॉप्टर और विशेषज्ञ देने का आग्रह किया गया है.
जब रोलर अचानक टूट गया
आपको बता दें कि त्रिकूट रोपवे में रविवार की शाम बड़ा हादसा हो गया था. करीब 4:30 बजे रोपवे जैसे ही डाउन स्टेशन से चालू हुआ कि पहाड़ की चोटी पर स्थित रोप-वे के यूटीपी स्टेशन का रोलर अचानक टूट गया. इसके बाद रोपवे की 23 ट्रॉलियां एक झटके में सात फीट नीचे लटक गयीं. वहीं, सबसे पहले ऊपर की एक ट्रॉली 40 फीट नीचे खाई में गिर गयी थी, जिसमें पांच लोग सवार थे. स्थानीय लोगों और रोप-वे कर्मियों ने मिलकर उस ट्रॉली में फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला था. हादसे के दौरान इसमें सबसे नीचे की दो ट्रॉली पत्थर से जोरदार ढंग से टकरा गयी. इन दोनों ट्रॉलियों में सवार सभी लोग बुरी तरह घायल हो गये. इस हादसे में पथरड्डा, सारठ की रहनेवाली सुमंती देवी-पति स्व राजकुमार पुजहर की मौत हो गयी. बताया जा रहा है कि इस हादसे में ट्रॉली के अंदर फंसे सभी लोग घायल हैं. इसमें एक बच्ची समेत तीन की हालत बेहद गंभीर है. घायलों में अधिकतर लोग बिहार के हैं.
रिपोर्ट: आशीष कुंदन
