डीबीए में हुई शोक सभा, दिवंगत अधिवक्ता को दी गयी श्रद्धांजलि

जिला अधिवक्ता संघ भवन के सभागार में सोमवार को शोक सभा का आयोजन किया गया. इसमें देवघर कोर्ट के दिवंगत अधिवक्ता जयदेव प्रसाद सिंह (उम्र 80) को श्रद्धांजलि दी

देवघर. जिला अधिवक्ता संघ भवन के सभागार में सोमवार को शोक सभा का आयोजन किया गया. इसमें देवघर कोर्ट के दिवंगत अधिवक्ता जयदेव प्रसाद सिंह (उम्र 80) को श्रद्धांजलि दी गयी. संघ के अध्यक्ष बालेश्वर प्रसाद सिंह ने संबोधित करते हुआ कहा कि वे बहुत ही सरल स्वभाव के अधिवक्ता थे और नियमित वकालत करने आते थे. कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. इनके परिवार में इनकी दो पुत्रियां हैं. सभागार में मौजूद अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखा और दिवंगत की आत्मा की शांति की कामना की. नियमित अधिवक्ता रहने के चलते देवघर जिला अधिवक्ता कल्याण कोष से इनके आश्रितों को 50 हजार रुपये का चेक सहायता राशि के तौर पर देने की घोषणा की गयी. शोक सभा के बाद अधिवक्ताओं ने किसी भी न्यायालय में काम काज नहीं कियेा. इस अवसर पर डीबीए अध्यक्ष के अलावा महासचिव कृष्णधन खवाड़े, कोषाध्यक्ष बिनोद कुमार मिश्रा, राजेश कुमार शाही, अजय कुमार दुबे, जीपी धनंजय मंडल, एफ मरीक, डीबीए के पूर्व अध्यक्ष वैद्यनाथ यादव, पूर्व महासचिव प्रणय कुमार सिन्हा, प्रदीप सिन्हा, सुभाष चंद्र राय, परेश राय, अनिल कुमार चौधरी, गौतम वर्मा, प्रमोद राय, चंद्रकिशोर राय, रंधीर देव, अजय कुमार यादव, परमानंद राय, आशीष आलोक, धनंजय राय, राज कुमार सिंह आदि मौजूद थे.

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Published by: Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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