संवाददाता, देवघर : बाबा बैद्यनाथ धाम में बसंत पंचमी का रंग चढ़ने लगा है तथा बाबा बैद्यनाथ के तिलकोत्सव की तैयारी शुरू हो गयी है, जो एक अनूठी परंपरा है. यहां माघ शुक्ल पंचमी को भगवान शिव का तिलक होता है और महाशिवरात्रि से पहले यह रस्म निभायी जाती है, जिसमें मिथिलांचल से बड़ी संख्या में लोग आकर बाबा को तिलक चढ़ाते हैं, जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल होता है. इस बार 23 जनवरी को बाबा भोलेनाथ का तिलक चढ़ाया जायेगा, जबकि इसके 22 दिन बाद 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन बाबा का विवाह संपन्न होगा. महाशिवरात्रि के दिन मंदिर इस्टेट की ओर से पूरी रात चतुष्प्रहर पूजा का आयोजन किया जायेगा. बसंत पंचमी को लेकर मंदिर परिसर में रौनक बढ़ गयी है. रविवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर करीब पांच सौ से अधिक डाक कांवर लेकर मिथिलावासी तिलकहरुए बाबाधाम पहुंचे. हालांकि प्रयागराज में माघी मेला के कारण पहले दिन तिलकहरुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही. डाक कांवरिये अहले सुबह चार बजे मंदिर में प्रवेश कर गये थे. सबसे पहले बाबा भोलेनाथ व माता पार्वती समेत सभी मंदिरों की परिक्रमा की. इसके बाद ओवरब्रिज में जलार्पण के लिये कतारबद्ध हुए. बाबा की सरदारी पूजा संपन्न होने के बाद पौने छह बजे से आम कांवरियों के लिए जलार्पण शुरू हुआ. भीड़ कम रहने के कारण दोपहर तीन बजे बजे तक कतार समाप्त हो गयी. शाम चार बजे भक्तों को मंदिर परिसर से ही संस्कार मंडप में प्रवेश कराकर पूजा कराने की व्यवस्था पट बंद होने तक जारी रही. पट बंद होने तक करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा पर जलार्पण किया. वहीं 4571 श्रद्धालुओं ने कूपन लेकर पूजा की. बसंत पंचमी से लेकर महाशिवरात्रि तक श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. हाइलाइट्स 45 हजार श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
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