संवाददाता, देवघर : बसंत पंचमी के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम जलार्पण कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है. डीसी सह मंदिर प्रशासक नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर इस दिन वीआइपी, वीवीआइपी एवं आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूर्णत रोक लगा दी गयी है. प्रशासन का कहना है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. डीसी ने स्पष्ट किया कि बसंत पंचमी जैसे प्रमुख पर्व पर किसी भी तरह की विशेष या प्राथमिकता आधारित दर्शन व्यवस्था नहीं होगी, ताकि सामान्य श्रद्धालुओं को बिना भेदभाव के दर्शन और जलार्पण का अवसर मिल सके. उन्होंने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पूरी मुस्तैदी से व्यवस्था संभालेंगे, लेकिन श्रद्धालुओं का अनुशासन और सहयोग भी उतना ही आवश्यक है. हालांकि, 600 रुपये शुल्क पर शीघ्रदर्शनम की सुविधा बसंत पंचमी के दिन भी उपलब्ध रहेगी, जिससे सीमित संख्या में श्रद्धालु इस विकल्प का लाभ उठा सकेंगे. वहीं, बसंत पंचमी के अवसर पर 23 जनवरी को बाबा मंदिर का पट अहले सुबह 3:05 बजे खोल दिया जायेगा, ताकि सुबह से ही जलार्पण की प्रक्रिया सुचारु रूप से शुरू हो सके. प्रशासन ने सुरक्षा, कतार व्यवस्था, यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का दावा किया है. श्रद्धालुओं से अपील की गयी है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें.
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