Deoghar News :पूर्ण गुरु के बिना शास्त्र ज्ञान अधूरा, दीक्षा से ही समाज में परिवर्तन संभव : साध्वी अमृता

विलियम्स टाउन स्थित बीएड कॉलेज परिसर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित श्रीरामचरितमानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ का समापन आध्यात्मिक संदेशों के साथ हुआ.

संवाददाता, देवघर : विलियम्स टाउन स्थित बीएड कॉलेज परिसर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित श्रीरामचरितमानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ का समापन आध्यात्मिक संदेशों के साथ हुआ. अंतिम दिन गुरुदेव आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी अमृता भारती ने गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि काकभुशुण्डि जी भगवान शिव की उपासना करते थे, लेकिन पूर्ण गुरु की आज्ञा का पालन नहीं करने के कारण उन्हें निम्न योनियों में भटकना पड़ा. अंततः गुरु की कृपा से ही उन्हें मुक्ति मिली. इससे स्पष्ट है कि ईश्वर भक्ति में भी गुरु की भूमिका सर्वोपरि है. गुरु गीता में भगवान शिव स्वयं कहते हैं कि पूर्ण गुरु प्रज्वलित दीपक के समान होते हैं, जो मानव के अंतरघट में ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित करते हैं. वहीं प्रवचन में स्वामी यादवेंद्रानंद जी ने कहा कि समाज में वास्तविक परिवर्तन शिक्षा से नहीं, दीक्षा से संभव है. धर्मविहीन शिक्षा समाज को चतुर शैतान बना देती है. नालंदा जैसे प्राचीन शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य केवल बौद्धिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक विकास भी था. शास्त्रों का ज्ञान गुरु दीक्षा के बिना सार्थक नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि आज मानव अज्ञानता के कारण अनेक पंथों में बंट गया है, जबकि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में अर्जुन को वही सनातन मार्ग बताया, जो आदिकाल से चला आ रहा है. कार्यक्रम के समापन पर भजन गायक गोपाल जी ने संगीतमय प्रस्तुति दी. आध्यात्मिक वातावरण में कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ.

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Published by: Sanjeev mishra

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