Lead news: दो साल में पांच बार निकला टेंडर, डाक को नहीं मिल रहे लोग

बरहरवा नगर पंचायत को नहीं

प्रतिनिधि, बरहरवा नगर पंचायत क्षेत्र में भारी वाहनों से टोल वसूली की प्रक्रिया पिछले दो वर्षों से अधर में लटकी हुई है. नगर पंचायत ने अब तक पांच बार टेंडर निकाले, लेकिन एक भी डाककर्ता ने इसमें भाग नहीं लिया. नगर पंचायत कार्यालय ने 1 अप्रैल 2023 से भारी वाहनों की टोल वसूली का कार्य अपने स्तर पर शुरू किया. वर्तमान में छह स्थानों पर बैरियर लगाकर टोल वसूली की जा रही है, जिसमें 22 कर्मी दैनिक मजदूरी पर कार्यरत हैं. इन मजदूरों को प्रतिदिन 377 रुपये का भुगतान किया जाता है. वे चारचक्का वाहनों से 40 रुपये, छहचक्का से 70 रुपये, दसचक्का से 150 रुपये, चौदह चक्का से 200 रुपये और इससे अधिक चक्कों के लिए 250 रुपये प्रति दिन की दर से टोल वसूलते हैं. बोली की राशि को डाककर्ता बता रहे अत्यधिक नगर पंचायत के अनुसार, आखिरी बार टोल वसूली का ठेका पाकुड़ के कृष्णनंदन कुमार के पास था. उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद जब पुनः टेंडर निकाला गया, तो कोई भी डाककर्ता इसमें भाग लेने को तैयार नहीं हुआ. 2023 में निकाले गए टेंडर में बोली 2.64 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, जो स्थानीय डाककर्ताओं के अनुसार अत्यधिक थी. बरहरवा नगर पंचायत क्षेत्र में पहले की तुलना में भारी वाहनों की आवाजाही में कमी आई है, जिससे इतनी बड़ी राशि में डाक लेना घाटे का सौदा माना जा रहा है. यही वजह है कि डाककर्ता इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं. टोल दर में संशोधन का इंतजार दिसंबर 2023 में तत्कालीन सचिव ने साहिबगंज डीसी को पत्र लिखकर टोल दरों के पुनः निर्धारण के निर्देश दिये थे. डीसी की अध्यक्षता में एक टीम गठित कर संशोधन प्रक्रिया शुरू की जानी थी, लेकिन अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ. टेंडर की ऊंची राशि के चलते पांच बार टेंडर निकाले गये, लेकिन कोई बोली लगाने को तैयार नहीं हुआ. सीसीटीवी कैमरा: सिर्फ दिखावे के लिए टोल गेट पर निगरानी के लिए लगाये गये सीसीटीवी कैमरे अब तक चालू नहीं हो सके हैं. कारण यह बताया जा रहा है कि कैमरे से जुड़े कुछ उपकरण अभी तक नहीं लगाये गये और भुगतान भी लंबित है. यह एक गंभीर लापरवाही है, क्योंकि निगरानी नहीं होने के कारण टोल वसूली में अनियमितताओं की आशंका बनी रहती है. कई लोगों का मानना है कि बैरियर पर कार्यरत कुछ दैनिक मजदूर बिना रसीद के वाहनों को पास करवा रहे हैं. अगर सीसीटीवी कैमरे चालू होते, तो इस तरह की मनमानी पर रोक लगाई जा सकती थी. जांच के लिए बनायी गयी पांच सदस्यीय कमेटी नगर पंचायत ने टोल वसूली में अनियमितताओं की जांच के लिए 2023 में पांच सदस्यीय टीम गठित की थी. इसमें नगर प्रबंधक पुरुषोत्तम कुमार देव, नगर मिशन प्रबंधक विजय कुमार, सीएलसीटी सरोज कुमार, लेखापाल जयनाथ सिंह और नगर पंचायत कर्मी अमीन शेख शामिल हैं. हालांकि, नियमित जांच न होने के कारण मजदूरों की मनमानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. कई बार ट्रक व भारी वाहनों को बिना रसीद पास करने की शिकायतें मिली हैं, लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई. क्या कहते हैं पदाधिकारी….. फोटो-00, दीपक कुमार, नपं प्रशासक बरहरवा बरहरवा नपं में भारी वाहनों के टोल टैक्स वसूली के लिए डीसी स्तर पर इसका निर्णय होना है. निर्णय होते ही इसका टेंडर हो जायेगा. फिलहाल मॉनिटरिंग करने के लिए हम लोग नई टीम बना रहे हैं. जिसके बाद बेहतर ढंग से मॉनिटरिंग की जायेगी. जो भी शिकायतें आ रही है उसे दूर किया जायेगा. दीपक कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, बरहरवा

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Author: BIKASH JASWAL

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