सारठ : जड़ी-बूटी से इलाज कर रहे हैं 103 वर्षीय केहरि मंडल

सारठ के तेलीपडुवा गांव के 103 वर्षीय केहरि मंडल आज भले से ही गुमनामी में

सारठ. प्रखंड क्षेत्र के तेलीपडुवा गांव के 103 वर्षीय केहरि मंडल आज भले से ही गुमनामी में हैं. पर जंग-ए आजादी में तत्कालीन दुमका जिला वर्तमान में जामताड़ा के फतेहपुर के खिजुरिया में कुष्ठ अस्पताल स्थापना के क्रम में महात्मा गांधी से मिले थे. इन बातों का खुलासा मंडल ने सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह से बातचीत के क्रम में मंगलवार को की. उन्होंने विधायक को बताया कि आजादी के समय क्षेत्र में काफी गरीबी थी, पर आज वैसा नहीं है. तब महाजन के पास आधा मन चावल के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था. श्री मंडल ने कहा कि आजादी का असर है कि क्षेत्र में समृद्धि आयी है. उन्होंने बताया कि वे जड़ी-बूटी से साइटिका, बबासीर, फाइलेरिया, दाद, एक्जिमा, गैस्ट्रिक जैसी गंभीर बीमारी का इलाज करते हैं. दूर-दूर से लोग यहां आकर इलाज करवाते हैं. कहा कि आजादी के दौरान एक पैसा मजदूरी दर थी. पर आज महंगाई ज्यादा हो गयी है. उस समय अधिकांश लोग इमानदार होते थे, जो देश के लिए खुद की परवाह नहीं करते हैं, जिसका परिणाम है कि आज हम आजाद भारत में जी रहे हैं. साथ ही अपनी उम्र व आजादी के दौरान हुए कई घटनाओं का जिक्र सारठ विधायक से कर उन्हें बेहतर काम करने के लिए प्रेरित किया. हाइलार्ट्स : आजादी के समय गरीबी थी, पर आज समृद्ध है अपना क्षेत्र विधायक चुन्ना सिंह संग बापू के मुलाकात की दास्तान साझा की

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Author: MITHILESH SINHA

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