अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम के लिए मनाया सतर्कता दिवस

मधुपुर : शिक्षक व धर्म गुरुओं ने बाल विवाह रोकथाम के लिए सामूहिक लिया संकल्प

मधुपुर. प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय प्लस टू विद्यालय परिसर में रविवार को अक्षय तृतीया पर बाल अधिकारों की सुरक्षा व बाल विवाह रोकथाम को लेकर स्वंयसेवी संस्था आश्रय के तत्वावधान में सतर्कता दिवस मनाया गया. इस दौरान बाल विवाह रोकथाम पर जागरूकता अभियान चलाया गया. कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिकारी, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता, मुखिया, वार्ड सदस्य, शिक्षक व धर्म गुरुओं ने बाल विवाह रोकथाम के लिए सामूहिक संकल्प लिया. इस अवसर पर संस्था की सचिव दीपा देवी ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे पावन अवसर पर बाल विवाह जैसे अपराध को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. प्रशासन और नागरिक समाज की सतर्कता के कारण ऐसे मामलों में कमी आयी है, लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक है. उन्होंने कहा कि बाल विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दंडनीय अपराध है. इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति चाहे वह लड़की या लड़के के परिजन हों, बाराती, कैटरर, डेकोरेटर, बैंड-बाजा वाले, मैरिज हॉल संचालक या विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. जिसमें 2 वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों शामिल है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भी बाल विवाह रोकथाम को लेकर विशेष जागरुकता अभियान चलाया गया.

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By Balram

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