देवघर : जनजातीय और पारंपरिक खेलों को नयी पहचान देने की पहल के तहत देवघर में 20 सितंबर को एकदिवसीय स्लिंगशॉट (गुलेल) प्रतियोगिता आयोजित होगी. स्लिंगशॉट एसोसिएशन ऑफ देवघर और बाबू वेदानंद सिंह अखाड़ा, देवघर के संयुक्त तत्वावधान में प्रतियोगिता शिल्पग्राम ऑडिटोरियम, नंदन पहाड़ में होगी.
पारंपरिक खेल को बचाने की पहल
आयोजकों के अनुसार, गुलेल भारत के कई जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक खेलों का हिस्सा रही है. आधुनिक खेलों के दौर में इस खेल की पहचान और विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है.
लक्ष्य साधने की होगी परीक्षा
प्रतियोगिता में प्रतिभागी लक्ष्य साधने की क्षमता, एकाग्रता, धैर्य और अनुशासन का प्रदर्शन करेंगे. एसोसिएशन के सचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि उद्देश्य स्लिंगशॉट जैसे पारंपरिक खेल को व्यवस्थित मंच देना और स्थानीय प्रतिभाओं को सामने लाना है.
प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की योजना
महेंद्र कुमार ने बताया कि भविष्य में प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के माध्यम से इस खेल को आगे बढ़ाने की योजना है. अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा कि गुलेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि पारंपरिक खेल संस्कृति का हिस्सा है. ऐसे खेलों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है.
खेलप्रेमियों से पहुंचने की अपील
आयोजकों ने खेलप्रेमियों और युवाओं से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है.
