Shravani Mela: कांवरियों के लिए देवघर में 35 स्थायी-अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र, प्रभारियों की हुई नियुक्ति, देखें पूरी लिस्ट

Shravani Mela: देवघर में कांवरियों की सहूलियत के लिए प्रशासन की ओर से 35 स्थायी-अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं. पूरी लिस्ट यहां देखें.

Shravani Mela: देवघर में श्रावणी मेला के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 35 स्थायी व अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाये जायेंगे. साथ ही मेला स्वास्थ्य शिविरों के सफल संचालन के लिए पारा मेडिकल कर्मियों को प्रभार भी दिया गया है.

18 जुलाई से शुरू ही काम करने लगेंगे स्वास्थ्य शिविर

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ रंजन सिन्हा ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि 17 तक मेला कार्यालय में योगदान करने के साथ ही शिविर के लिए आवंटित सामग्री, दवा आदि के साथ 18 जुलाई से अपने आवंटित मेला स्वास्थ्य शिविरों को संचालित करेंगे. साथ ही कहा गया है कि सभी शिविर प्रभारी शिविर में प्रतिदिन इलाज करने वाले कांवरियों का प्रतिवेदन श्रावणी मेला कार्यालय को उपलब्ध करायें.

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इन जगहों पर लगाये जायेंगे स्थायी व अस्थायी स्वास्थ्य शिविर

  • दुम्मा
  • सोमनाथ भवन
  • नवाडीह
  • बांक
  • आध्यात्मिक भवन
  • सरासनी
  • खिजूरिया
  • हिंदी विद्यापीठ
  • बरमसिया
  • बीएड कॉलेज
  • जलसार
  • नेहरू पार्क
  • शिवगंगा
  • क्यू कॉम्प्लेक्स
  • बाबा मंदिर
  • सुविधा केंद्र
  • पुराना सदर अस्पताल
  • कोठिया बस स्टैंड
  • कुमैठा स्टेडियम
  • बाधमारा बस स्टैंड
  • नंदन पहाड़
  • हथगगढ़ बस स्टैंड
  • सदर अस्पताल देवघर
  • देवघर रेलवे स्टेशन
  • प्राइवेट बस स्टैंड
  • बैद्यनाथधाम रेलवे स्टेशन
  • जसीडीह रेलवे स्टेशन
  • एपीएचसी तपोवन
  • एपीएचसी खड़गडीहा
  • स्वाथ्य केंद्र त्रिकुट पहाड़
  • स्वास्थ्य उपकेंद्र घोरमारा
  • मारवाड़ी कांवर संघ
  • प्राइवेट बस स्टैंड रिखिया
  • स्वास्थ्य केंद्र चौपा मोड़
  • दर्दमारा बस स्टैंड

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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