सारठ. छह दिनों तक चलने वाला वार्षिक उर्स मेला रविवार से विधिवत प्रारंभ हो गया. पहले दिन हजरतपुर से पहुंचे हजरत जुलकर नैन बुखारी (पीर बाबा) की अगुवाई में मखदूम बाबा के पवित्र मजार को गुलाब जल से गुस्ल कराया गया. इसके बाद चंदन लेप लगाकर इत्र से सुगंधित किया गया और फूलों की चादर चढ़ाई गयी. इस अवसर पर पीर बाबा के साथ स्थानीय खादिमों एवं मेला कमेटी के सदस्यों ने बड़ी संख्या में फातिया पढ़कर अमन, चैन और सलामती की दुआ मांगी. चादरपोशी के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया. मेले में मनोरंजन के लिए झूला, तारामाची, जादूगर समेत विभिन्न खेल-कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं, जिनका बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक आनंद ले रहे हैं. इसके अलावा मनिहारी, मिठाई और अन्य दुकानों को व्यवस्थित रूप से सजाया गया है. मौके पर बीस सूत्री अध्यक्ष इस्तियाक मिर्जा, थाना प्रभारी दीपक कुमार साह, मेला कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद रबुल शेख, खादिम मुजफ्फर साह, कारी अयूब, तमजिद साह, कलाम शेख, तोहित शेख, शमीम शेख, हुसैन अली, मुबारक शेख, मुख्तार शेख सहित बड़ी संख्या में कमेटी सदस्य एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे.
छह दिवसीय उर्स मेला शुरू: गुलाब जल से मजार का गुस्ल, चंदन लेप के साथ अमन-चैन की दुआ
सारठ : छह दिनों तक चलने वाला वार्षिक उर्स मेला आरंभ
