छह दिवसीय उर्स मेला शुरू: गुलाब जल से मजार का गुस्ल, चंदन लेप के साथ अमन-चैन की दुआ
सारठ : छह दिनों तक चलने वाला वार्षिक उर्स मेला आरंभ
By MITHILESH SINHA | Updated at :
सारठ. छह दिनों तक चलने वाला वार्षिक उर्स मेला रविवार से विधिवत प्रारंभ हो गया. पहले दिन हजरतपुर से पहुंचे हजरत जुलकर नैन बुखारी (पीर बाबा) की अगुवाई में मखदूम बाबा के पवित्र मजार को गुलाब जल से गुस्ल कराया गया. इसके बाद चंदन लेप लगाकर इत्र से सुगंधित किया गया और फूलों की चादर चढ़ाई गयी. इस अवसर पर पीर बाबा के साथ स्थानीय खादिमों एवं मेला कमेटी के सदस्यों ने बड़ी संख्या में फातिया पढ़कर अमन, चैन और सलामती की दुआ मांगी. चादरपोशी के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया. मेले में मनोरंजन के लिए झूला, तारामाची, जादूगर समेत विभिन्न खेल-कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं, जिनका बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक आनंद ले रहे हैं. इसके अलावा मनिहारी, मिठाई और अन्य दुकानों को व्यवस्थित रूप से सजाया गया है. मौके पर बीस सूत्री अध्यक्ष इस्तियाक मिर्जा, थाना प्रभारी दीपक कुमार साह, मेला कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद रबुल शेख, खादिम मुजफ्फर साह, कारी अयूब, तमजिद साह, कलाम शेख, तोहित शेख, शमीम शेख, हुसैन अली, मुबारक शेख, मुख्तार शेख सहित बड़ी संख्या में कमेटी सदस्य एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम:
उर्स मेला कमेटी के अध्यक्ष सह सीओ कृष्ण चंद्र सिंह मुंडा ने बताया कि मेले में विधि-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गयी हैं. पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला बल और ग्रामीण चौकीदारों की तैनाती की गयी है. मेला प्रभारी के रूप में नोडल सीआई विभास कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. इसके अलावा तीनों पालियों में दंडाधिकारियों की नियुक्ति की गयी है. उन्होंने बताया कि मेला कंट्रोल रूम में हर समय सरकारी कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गयी है. वहीं, पालाजोरी की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को बदियां मोड़ और पहाड़गोंडा के पास से डायवर्ट किया गया है, ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो.
सौहार्द का प्रतीक है उर्स मेला:
सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह ने कहा कि सारठ का उर्स मेला आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि बाबा की महिमा झारखंड के साथ बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है, जहां से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर मन्नतें मांगते हैं. उन्होंने आश्वस्त किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं, ताकि वे सुगमता से बाबा का दर्शन कर सकें और मेले का आनंद उठा सकें.