सारठ : SIR की जनसुनवाई में फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र का खुलासा, 68 आवेदन जांच के घेरे में; CSC संचालक पर भी आरोप

सारठ प्रखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. एक महिला के ऑनलाइन प्रमाण पत्र में संदिग्धता पाई गई, जिसके बाद 68 अन्य आवेदन भी जांच के घेरे में आ गए हैं. सीएससी संचालक पर फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप है.

प्रतिनिधि, सारठ : सारठ प्रखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के इस्तेमाल का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. नवादा पंचायत सचिवालय में एसआईआर से संबंधित नाम, उम्र व अन्य विसंगतियों वाले मतदाताओं की जनसुनवाई के दौरान जांच में एक महिला का ऑनलाइन आवासीय प्रमाण पत्र संदिग्ध पाया गया. प्रमाण पत्र में महिला के नाम के साथ पति के नाम की जगह ‘सॉन ऑफ’ अंकित था, जबकि महिला के मामले में ‘वाइफ ऑफ’ के साथ पति का नाम होना चाहिए था. उक्त संदिग्ध प्रमाण पत्र में इस विसंगति को देखकर संदेह हुआ, जिसके बाद प्रमाण पत्र की जांच की गयी. इसमें उसके फर्जी होने की बात सामने आने की जानकारी दी गयी.

68 आवेदन भी जांच के घेरे में

जांच के दौरान आवासीय व जाति प्रमाण पत्र संलग्न 68 आवेदनों को भी संदिग्ध मानते हुए पूर्ण जांच होने तक रोक दिया गया है.

CSC संचालक पर फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप

बताया जा रहा है कि नवादा पंचायत के बारा गांव में एक सीएससी संचालक नूरानी नामक युवक द्वारा कथित रूप से पैसे लेकर लोगों को फर्जी तरीके से एडिट कर आवासीय व जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का मामला सामने आया है. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.

जांच की जानकारी मिलते ही CSC बंद

मामले की जांच की जानकारी मिलने के बाद संबंधित सीएससी बंद मिला और संचालक भी कहीं चले जाने की बात कही जा रही है. एसआईआर के दौरान फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल की बात सामने आने से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गयी है.

पूर्व मंत्री ने की कार्रवाई की मांग

पूर्व मंत्री सह पूर्व विधायक रंधीर कुमार सिंह ने मामले पर नाराजगी जताते हुए दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

क्या कहते हैं सीओ

सीओ कृष्ण चंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि नवादा पंचायत में एसआईआर की जनसुनवाई के दौरान फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र मिलने की जानकारी सामने आयी है. संबंधित प्रमाण पत्रों की जांच करायी जा रही है. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले व्यक्ति की पहचान होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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लेखक के बारे में

By मिथिलेश सिन्हा

प्रभात खबर के वरीय पत्रकार है,वर्ष 2001 से प्रभात खबर से जुड़कर जनहित से जुड़ी पत्रकारिता कर रहे है,विकास,लोगों की समस्या,शिक्षा,स्वास्थ्य व क्राइम से जुड़ी खबरे पर बेहतर कवरेज करते रहे है-प्रभात खबर सारठ कार्यालय के ब्यूरो प्राभारी है,इससे पूर्व में झारखण्ड जगरण, दैनिक रांची ,पहुंच मासिक पत्रिका पटना व ईटीवी में बतौर न्यूज इंफॉर्फ़र के रूप में काम कर चुके है,NOU पटना से M ,A ( Mass Comunication & Journalism ) की पढ़ाई की है,वर्ष 2013-14 तक झारखण्ड विधानसभा रांची में प्रेस सलाहकार समिति के सदस्य रहे है,अलावे सूचना एवं जन संपर्क विभाग राँची द्वारा गाँवो में सूचना के विकास पर शोध को लेकर झारखण्ड मीडिया फेलोशिप मिला चुका है एवं सूचना अधिकार अधिनियम 2005 में बेहतर काम करने के लिए वर्ष 2013 में झारखण्ड RTI फोरम द्वारा Media Information and Communication Centre Of India के द्वारा RTI CITIZEN AWARD से पुरस्कृत हो चुके है.

मोबाइल-9708654333 / 9431550805

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