प्रतिनिधि, सारठ : सारठ प्रखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के इस्तेमाल का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. नवादा पंचायत सचिवालय में एसआईआर से संबंधित नाम, उम्र व अन्य विसंगतियों वाले मतदाताओं की जनसुनवाई के दौरान जांच में एक महिला का ऑनलाइन आवासीय प्रमाण पत्र संदिग्ध पाया गया. प्रमाण पत्र में महिला के नाम के साथ पति के नाम की जगह ‘सॉन ऑफ’ अंकित था, जबकि महिला के मामले में ‘वाइफ ऑफ’ के साथ पति का नाम होना चाहिए था. उक्त संदिग्ध प्रमाण पत्र में इस विसंगति को देखकर संदेह हुआ, जिसके बाद प्रमाण पत्र की जांच की गयी. इसमें उसके फर्जी होने की बात सामने आने की जानकारी दी गयी.
68 आवेदन भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान आवासीय व जाति प्रमाण पत्र संलग्न 68 आवेदनों को भी संदिग्ध मानते हुए पूर्ण जांच होने तक रोक दिया गया है.
CSC संचालक पर फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप
बताया जा रहा है कि नवादा पंचायत के बारा गांव में एक सीएससी संचालक नूरानी नामक युवक द्वारा कथित रूप से पैसे लेकर लोगों को फर्जी तरीके से एडिट कर आवासीय व जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का मामला सामने आया है. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.
जांच की जानकारी मिलते ही CSC बंद
मामले की जांच की जानकारी मिलने के बाद संबंधित सीएससी बंद मिला और संचालक भी कहीं चले जाने की बात कही जा रही है. एसआईआर के दौरान फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल की बात सामने आने से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गयी है.
पूर्व मंत्री ने की कार्रवाई की मांग
पूर्व मंत्री सह पूर्व विधायक रंधीर कुमार सिंह ने मामले पर नाराजगी जताते हुए दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.
क्या कहते हैं सीओ
सीओ कृष्ण चंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि नवादा पंचायत में एसआईआर की जनसुनवाई के दौरान फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र मिलने की जानकारी सामने आयी है. संबंधित प्रमाण पत्रों की जांच करायी जा रही है. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले व्यक्ति की पहचान होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
