विधि संवाददाता, देवघर. एडीजे तृतीय राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने जसीडीह थाना क्षेत्र के चर्चित डबल मर्डर केस में आठ दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर प्रत्येक को तीन माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी.
सजा पाने वालों में मंतोष यादव, कुणाल कुमार साह उर्फ भट्ट साह, बालेश्वर यादव, पंचू राउत, रंजय यादव, संजय यादव, दिनेश यादव और अमित कुमार सोनी उर्फ चाणक्य शामिल हैं.
खेत के पास पीट-पीटकर की गयी थी दो लोगों की हत्या
मामला 28 अगस्त 2013 का है. जसीडीह थाना क्षेत्र के कुम्हड़ाबाद-रोहिणी के समीप खेत के पास मुकेश कुमार सिंह और उनके चालक सोनू कुमार शर्मा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी. हत्या के बाद आरोपितों ने उनकी बोलेरो में आग लगा दी थी. वाहन में रखे 25 हजार रुपये भी निकाल लिये गये थे.
मुकेश कुमार सिंह देवीपुर थाना क्षेत्र के बड़गुनिया गांव के निवासी थे, जबकि उनके चालक सोनू कुमार शर्मा जसीडीह थाना क्षेत्र के बसुआडीह गांव के रहने वाले थे. घटना के बाद मृतक मुकेश कुमार सिंह के ससुर रामस्वरूप राय के बयान पर 28 अगस्त 2013 को जसीडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
वाहन रोकने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
घटना के दिन मुकेश कुमार सिंह चार पहिया वाहन से देवघर की ओर आ रहे थे. कोल्हाबाद-अजान टोला गांव के पास ग्रामीणों ने उनका वाहन रोककर छानबीन शुरू कर दी. इसी दौरान विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों की भीड़ ने मुकेश को घेर लिया.
मुकेश ने वहां से वाहन लेकर निकलने का प्रयास किया. इसी दौरान रेलवे क्रॉसिंग का गेट बंद होने के कारण उन्होंने रोहिणी से दाहिनी ओर कुम्हड़ाबाद जाने वाली सड़क की ओर वाहन मोड़ दिया. इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने वाहन को घेर लिया. आरोप है कि भीड़ ने लाठी-डंडे और रॉड से मुकेश कुमार सिंह और सोनू कुमार शर्मा पर हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गयी.
हत्या के बाद बोलेरो में लगा दी थी आग
दोनों की हत्या के बाद आरोपितों ने बोलेरो में आग लगा दी थी. साथ ही वाहन में रखे 25 हजार रुपये भी निकाल लिये गये थे. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया.
अभियोजन ने पेश किये 12 गवाह
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह ने 12 गवाहों की गवाही करायी. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अलग-अलग अधिवक्ताओं ने 16 लोगों की गवाही करायी. दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद अदालत ने आठों आरोपितों को दोषी करार दिया.
इसके बाद अदालत ने सभी आठ दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी और प्रत्येक पर 22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.
करीब 12 साल बाद आया फैसला
घटना के करीब 12 वर्षों तक चले मुकदमे के बाद अदालत का फैसला आया है. लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मृतकों के परिजनों के लिए अदालत का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फैसला सुनाये जाने के बाद परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई.
