प्रतिनिधि, चितरा . इसीएल प्रबंधन ने नवनियुक्त कर्मियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. नये आदेश के तहत भूमि हानि श्रेणी (एलएलएस) व राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता (एनसीडब्ल्यूए) के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से तीन वर्षों तक रविवार, अवकाश दिवस और ओवरटाइम ड्यूटी से जुड़े अतिरिक्त पारिश्रमिक का लाभ नहीं मिलेगा. यह निर्णय 22 जनवरी 2026 को आयोजित इसीएल की कार्यकारी निदेशक समिति (इसीएफडी) की बैठक में लिया गया. प्रबंधन का कहना है कि मानव संसाधनों की तर्कसंगत तैनाती और रविवार/अवकाश और ओवरटाइम मद में बढ़ते अतिरिक्त खर्च पर नियंत्रण के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है, साथ ही आदेश में यह भी कहा कि संबंधित कर्मियों को तीन वर्ष की अवधि पूरी होने या किसी पद पर सामान्य सहायक के रूप में चयन/तैनाती होने तक (जो भी पहले हो) इन सुविधाओं से वंचित रखा जायेगा. इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए सभी क्षेत्रों को अनुपालन के निर्देश दिये गये है. वहीं दूसरी ओर इस फैसले को लेकर नवनियुक्त कर्मियों में असंतोष देखा जा रहा है. उनका कहना है कि ओवरटाइम और अवकाश ड्यूटी से मिलने वाली अतिरिक्त आय उनके वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. जिसके अभाव में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है. जब कि प्रबंधन इसे वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में आवश्यक कदम बता रहा है.
Deoghar news : इसीएल का निर्णय, नवनियुक्त कर्मियों को तीन साल तक ओवरटाइम का नहीं मिलेगा लाभ
इसीएल प्रबंधन ने नवनियुक्त कर्मियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. इन कर्मियों को अब रविवार, अवकाश दिवस और ओवरटाइम ड्यूटी से जुड़े अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा.
