संवाददाता, देवघर : भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को बाबा नगरी देवघर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. बाबा बैद्यनाथ की नगरी में मान्यता है कि किसी भी पर्व की शुरुआत बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ होती है. इसी परंपरा के तहत रक्षाबंधन पर भी बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा संपन्न करायी गयी.
कपाट खुलते ही हुई बाबा की पारंपरिक पूजा
पूर्णिमा तिथि पर शुक्रवार को बाबा मंदिर का कपाट खुलते ही सबसे पहले बाबा बैद्यनाथ की पारंपरिक कच्चा जल पूजा करायी गयी. इसके बाद पुजारी नुनु बेटा श्रृंगारी ने बाबा की दैनिक सरदारी पूजा संपन्न करायी. पूजा के दौरान मंदिर की परंपरा के अनुसार बाबा बैद्यनाथ को राखी अर्पित की गयी.
बाबा को राखी चढ़ाकर मांगी संसार के भाइयों की खुशहाली
बाबा को राखी अर्पित कर संसार के सभी भाइयों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की गयी. बाबा मंदिर परिसर में इस दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा. श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की.
वर्षों पुरानी है बाबा को राखी चढ़ाने की परंपरा
रक्षाबंधन के दिन बाबा बैद्यनाथ को राखी अर्पित करने की परंपरा वर्षों पुरानी बतायी जाती है. मान्यता है कि बाबा को राखी चढ़ाकर पूरे संसार के भाई-बहनों के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और अपनापन बना रहने की कामना की जाती है.
बाबा की पूजा के बाद शुरू हुआ जलार्पण
बाबा की विशेष पूजा संपन्न होने के बाद आम कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण की प्रक्रिया शुरू की गयी. रक्षाबंधन को लेकर सुबह से ही बाबा नगरी में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना. बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लिया.
राखी-मिठाई की दुकानों पर भी रही रौनक
पर्व को लेकर बाजारों में भी खास चहल-पहल रही. राखी और मिठाई की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटी रही. घरों में पूजा-अर्चना के बाद बहनों ने भाइयों को राखी बांधी और मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं.
