जागरूकता से दूर होगी बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

मधुपुर. शहर के बड़बाद स्थित राहत कॉलेज ऑफ एजुकेशन परिसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के निर्देश पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत छात्र-छात्राओं के बीच जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह अपराध एक ज्वलंत समस्या है. यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है. सभी सामाजिक वर्गों, संस्कृतियों व समुदायों में मौजूद है. यौन, शारीरिक, मौखिक, मनोवैज्ञानिक भावनात्मक व सामाजिक-आर्थिक क्षति हो सकती है. बच्चियों को समाज के हाशिये पर धकेलने और उन्हें हीन या असहाय महसूस कराने का कारण बन सकती है. भेदभाव बच्चियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है. बाल विवाह जैसी समस्याओं का निदान समाज के सभी वर्गों को सामूहिक रूप से मिल जुलकर करना चाहिए. मौके पर प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी समेत समेस्टर वन के छात्र-छात्रा मौजूद थे. ——————– बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

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