मधुपुर. शहर के भेड़वा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति दिवस पर याद किया गया. इस अवसर पर लोगों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. वहीं, धनंजय प्रसाद ने कहा कि आधुनिक हिन्दी साहित्य के सबसे प्रभावशाली कवियों में से एक थे राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर. जो अनल कवि के रूप में भी जाने जाते थे. वे प्रसिद्ध लेखक, कवि व निबंधकार थे. उनकी कविताएं ओज, विद्रोह व राष्ट्रीय चेतना से ओतप्रोत है. वो आधुनिक युग के श्रेष्ट वीररस के कवि थे. स्वतंत्रता के पहले उनकी कविताएं ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह की ज्वाला जगाने का काम किया. उनकी प्रमुख कृतियों- रश्मिरथी, उर्वशी, कुरुक्षेत्र, रेणुका, हुंकार, परशुराम की प्रतीक्षा व बापू और संस्कृति के चार अध्याय है. जिसमें उन्हें 1959 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला व उर्वशी के लिए 1972 में ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ. 1959 में पद्मभूषण सम्मान से नवाजा गया. वो 1952 में राज्यसभा के सदस्य रहे और भारत सरकार के हिन्दी सलाहकार के रूप में भी कार्यरत रहे. अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किया.
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का मना स्मृति दिवस

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का मना स्मृति दिवस
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मधुपुर के भेड़वा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में कार्यक्रम आयोजित