अबुआ आवास में अयोग्य लाभुकों की स्वीकृति: मुखिया-पंचायत सचिव से मांगा जवाब

सारठ में अबुआ आवास योजना में अयोग्य लाभुकों को आवास मिलने की शिकायत पर बीडीओ ने मुखिया-पंचायत सचिव से मांगा जवाब. जांच में मिली अनियमितताएं.

सारठ: अबुआ आवास योजना में अयोग्य लाभुकों को आवास की स्वीकृति दिये जाने की शिकायत पर सारठ बीडीओ ने कार्रवाई शुरू कर दी है. अपात्र लाभुकों को योजना का लाभ दिये जाने के मामले में बीडीओ चंदन कुमार सिंह ने संबंधित पंचायत के मुखिया और पंचायत सचिव को पत्र जारी कर पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है. वहीं शिकायत में उल्लेखित लाभुकों को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा गया है.

डीडीसी से शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

प्रखंड कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह, पूर्व मुखिया मंडलाडीह की ओर से मामले की शिकायत डीडीसी से की गयी थी. शिकायत के आलोक में बीडीओ ने कनीय अभियंता से मामले की जांच करायी.

जांच के दौरान छह लाभुकों को कथित रूप से अयोग्य पाया गया है. इनमें नीलम देवी, मालती देवी, मुन्नी देवी, विनिता देवी, अल्पी देवी और सिदमुनी मांझियान के नाम शामिल हैं.

जांच में अलग-अलग अनियमितताओं का उल्लेख

जांच रिपोर्ट में नीलम देवी और मालती देवी के पास पक्का मकान होने का उल्लेख किया गया है. वहीं मुन्नी देवी के मामले में भी पक्का मकान होने की बात सामने आयी है.

विनिता देवी के मामले में मिट्टी के कच्चे घर को तोड़कर अबुआ आवास का निर्माण किये जाने का उल्लेख जांच में किया गया है. वहीं अल्पी देवी का घर मुख्य सड़क के पास बना हुआ बताया गया है. सिदमुनी मांझियान के मामले में आवास पूर्व से ही बना हुआ होने की बात जांच में सामने आयी है.

मुखिया और पंचायत सचिव से एक सप्ताह में जवाब

मामले को लेकर बीडीओ चंदन कुमार सिंह ने संबंधित पंचायत के मुखिया मुन्ना मंडल और पंचायत सचिव को निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के अंदर अपना पक्ष प्रस्तुत करें.

पत्र में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि किन कारणों से कथित रूप से अयोग्य लाभुकों को योग्य मानते हुए अबुआ आवास योजना का लाभ दिया गया. साथ ही संबंधित लाभुकों को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है.

जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर

अबुआ आवास योजना में पात्रता को लेकर उठी शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू होने से मामले में आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है. संबंधित अधिकारियों और लाभुकों के स्पष्टीकरण के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी.

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By मिथिलेश सिन्हा

प्रभात खबर के वरीय पत्रकार है,वर्ष 2001 से प्रभात खबर से जुड़कर जनहित से जुड़ी पत्रकारिता कर रहे है,विकास,लोगों की समस्या,शिक्षा,स्वास्थ्य व क्राइम से जुड़ी खबरे पर बेहतर कवरेज करते रहे है-प्रभात खबर सारठ कार्यालय के ब्यूरो प्राभारी है,इससे पूर्व में झारखण्ड जगरण, दैनिक रांची ,पहुंच मासिक पत्रिका पटना व ईटीवी में बतौर न्यूज इंफॉर्फ़र के रूप में काम कर चुके है,NOU पटना से M ,A ( Mass Comunication & Journalism ) की पढ़ाई की है,वर्ष 2013-14 तक झारखण्ड विधानसभा रांची में प्रेस सलाहकार समिति के सदस्य रहे है,अलावे सूचना एवं जन संपर्क विभाग राँची द्वारा गाँवो में सूचना के विकास पर शोध को लेकर झारखण्ड मीडिया फेलोशिप मिला चुका है एवं सूचना अधिकार अधिनियम 2005 में बेहतर काम करने के लिए वर्ष 2013 में झारखण्ड RTI फोरम द्वारा Media Information and Communication Centre Of India के द्वारा RTI CITIZEN AWARD से पुरस्कृत हो चुके है.

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