देवघर के स्कूलों में बच्चों की थाली, आवंटन के इंतजार में खाली! 5 महीने से 10.32 करोड़ अटका

देवघर के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन (पीएम पोषण योजना) के लिए आवंटन की भारी कमी हो गई है. पिछले पांच महीनों से 10.32 करोड़ रुपये का भुगतान रुका हुआ है, जिससे सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. यह स्थिति बच्चों के भोजन की नियमित व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है.

देवघर : जिले के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन यानी पीएम पोषण योजना पर आवंटन की कमी भारी पड़ने लगी है. चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अगस्त तक पांच माह गुजर गये, लेकिन योजना मद में जिले को मुख्यालय से आवंटन नहीं मिला है. इसके कारण सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडरों का करीब 10 करोड़ 32 लाख 37 हजार रुपये का भुगतान लंबित हो गया है. सितंबर के भी 19 दिन बीत चुके हैं. ऐसे में सितंबर तक की देनदारी जुड़ने पर बकाया राशि करीब 12 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है.

एक अन्य प्राथमिक विद्यालय में मध्यान भोजन करते स्कूली छात्र-छात्राएं.  | Prabhat Khabar Network

1940 विद्यालयों में संचालित है योजना

जिले में कुल 1940 विद्यालयों में पीएम पोषण योजना संचालित है. इनमें 50 बाल वाटिका, 1291 प्राथमिक तथा 649 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं. इन स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चे मध्याह्न भोजन पर निर्भर हैं. लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडरों के सामने भी आर्थिक परेशानी उत्पन्न हो रही है. यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो विद्यालयों में भोजन की नियमित व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जतायी जा रही है.

डिमांड के बाद वेंडर के खाते में जायेगी राशि

जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार के प्रशासनिक निर्देश के तहत विद्यालयों से पीएम पोषण के लिए डिमांड मंगायी जायेगी. संबंधित बीइइओ इसकी जांच करेंगे. जांच के बाद डीएसइ के डिजिटल हस्ताक्षर से डिमांड स्वीकृत कर ट्रेजरी भेजी जायेगी. इसके बाद ट्रेजरी से राशि सीधे सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडर के खाते में भेजी जायेगी. इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि दुर्गापूजा से पहले समस्या का समाधान कर लिया जायेगा.

बच्चों के भोजन की व्यवस्था बनाए रखना चुनौती

पीएम पोषण योजना बच्चों के पोषण और विद्यालयों में उनकी उपस्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है. लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के बावजूद स्कूलों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था बाधित न हो, यह प्रशासन के लिए चुनौती है.

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लेखक के बारे में

By अजय कुमार यादव

राजेंद्र प्रसाद यूनिवर्सिटी, मुंबई से पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है. प्रभात खबर से जुड़ कर बीते 22 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में जुड़ा हुआ हूं. फिलहाल प्रभात खबर देवघर यूनिट में वरीय संवाददाता के पद पर कार्यरत हूं.

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