Deoghar News : ऑटोरिक्शा चालकों को अब घर बैठे मिलेगा परमिट, देवघर में विशेष कैंप में 17 को मिला परमिट

देवघर जिले में निबंधित ऑटो रिक्शा चालकों को अब परमिट बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. देवघर में एक दिवसीय विशेष परमिट वितरण शिविर का आयोजन किया गया

संवाददाता, देवघर : देवघर जिले में निबंधित ऑटो रिक्शा चालकों को अब परमिट बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. शुक्रवार को प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार, दुमका की उपस्थिति में देवघर में एक दिवसीय विशेष परमिट वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मौके पर ही 17 ऑटो रिक्शा चालकों को परमिट निर्गत किया गया. इस शिविर में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार दुमका के शैलेंद्र कुमार रजक एवं देवघर के मोटरयान निरीक्षक सुभाष तिग्गा मौजूद थे. दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से ऑटो रिक्शा चालकों से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपने वाहनों का परमिट बनवाएं और बिना परमिट के वाहन का संचालन न करें.

ऑनलाइन प्रक्रिया से होगी परमिट की सुविधा

इस दौरान अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी कि परमिट बनवाने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है. वाहन संख्या एवं चेसिस नंबर के साथ आवेदन करने पर 150 रुपये का आवेदन शुल्क देना होता है. इसके बाद न्यू परमिट मेन्यू में जाकर ऑटो रिक्शा का प्रकार (डीजल/पेट्रोल) चुनने पर तीन हजार रुपये का शुल्क भी ऑनलाइन देना होता है. बताया गया कि शिविर में परमिट आवेदन में विलंब करने पर देय अतिरिक्त शुल्क की जानकारी भी दी गयी. नये रजिस्ट्रेशन के एक से 30 दिन के भीतर आवेदन करने पर तीन सौ रुपये, 31 से 60 दिन के बीच एक हजार रुपये, 61 से 90 दिन तक तीन हजार रुपये व 91 दिन के बाद तीन हजार के अतिरिक्त पांच सौ रुपये प्रति माह अधिकतम 10 हजार रुपये तक देना होगा.

बिना परमिट पकड़े जाने पर जुर्माना

अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कोई ऑटो रिक्शा चालक बिना परमिट के वाहन चलाते हुए पकड़ा गया या परिवहन विभाग के डेटाबेस में ऐसे वाहन की जानकारी मिली, तो मोटरयान अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत 10 हजार रुपये या उससे अधिक का जुर्माना किया जायेगा.

परमिट आवेदन से पहले इन दस्तावेजों का अद्यतन जरूरी

ऑटो रिक्शा चालकों को परमिट आवेदन से पूर्व अपने वाहन का बीमा, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र अपडेट रखना अनिवार्य है. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी दस्तावेजों की मूल प्रति कार्यालय में जमा करनी होगी. इस विशेष शिविर का उद्देश्य ऑटो चालकों को अपने गृह जिले से ही परमिट की सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें दिक्कतों से राहत दिलाना है. इससे चालक अपने ही जिले से परमिट लेकर निर्बाध रूप से वाहन चला सकेंगे.

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Published by: Sanjeev mishra

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